बिना कोचिंग नमन ने भेद दिया आईआईटी
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इफको आंवला के नमन गुप्ता ने बिना कोचिंग के जेईई एडवांस में जनरल केटेगरी में 164 रैंक हासिल करके साबित कर दिया कि अगर खुद पर यकीन है तो हर चुनौती पर खरा उतरा जा सकता है। अपने दम पर उसने पहले ही प्रयास में वो करके दिखाया जिसके लिए छात्र कोचिंग दर कोचिंग भटकते रहते हैं। पिता अमित गुप्ता इफको में चीफ इंजीनियर इलेक्ट्रिकल हैं। मां प्रीति गुप्ता सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। केवी इफको से नमन ने इसी साल 95.8 फीसदी अंकों के साथ बारहवीं पास की। वो चाहता तो कोई भी अच्छी कोचिंग ज्वाइन कर सकता था पर नमन का कहना है कि उसने सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता दी। कोटा एक कोचिंग से स्टडी मैटेरियल लिया। इंटरनेट पर तमाम स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट का सहारा लिया। यू ट्यूब पर तमाम साइंस वाले चैनल से जानकारी जुटाई। जब किसी सवाल में अटका तो इफको में ही जॉब करने वाले विपुल नाम के एक व्यक्ति का सहारा लिया। स्कूल के बाद वह प्रतिदिन औसतन चार घंटे खुद पढ़ता था। पढ़ाई का दाब कम करने के लिए वह टीवी पर कुश्ती की देखता था। इंजीनियरिंग के बाद नमन का सपना प्रशासनिक सेवाओं में जाने का है।
नमन ने हासिल किए अंक
गणित :110
फिजिक्स: 90
केमिस्ट्री : 99
कुल: 299
योग : 366
पहले प्रयास में ही कुनाल ने पाई 1368 रैंक
कुनाल पटेल ने इसी साल डीपीएस से बारहवीं में 94.4 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टाप किया था। उसने पहले ही प्रयास में आईआईटी में जाने का सपना भी साकार कर लिया। रविवार को घोषित जेईई एडवांस में उसने 1368 रैंक हासिल की है। कैटेगरी रैंक 194 है। ग्रीन पार्क में रहने वाले कुनाल के पिता मनोज प्रकाश दातागंज में तहसीलदार हैं मां मंजू हाउस मेकर हैं। अपनी रैंक से थोड़े नाखुश नजर आ रहे कुनाल ने आईआईटी कानपुर में प्रवेश लेने का मन बनाया है। कुनाल मैकेनिकल इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। कुनाल ने बताया कि आकाश कोचिंग ज्वाइन करने के बाद वह चार से पांच घंटे सेल्फ स्टडी करता था। सोशल मीडिया से दूरी रखते हैं।
अंबर ने भी पूरा किया आईआईटी में जाने का सपना
महानगर कालोनी के अंबर शर्मा ने दूसरे प्रयास में जेईई एडवांस में सफलता हासिल की। कांसेप्ट क्लासेज में कोचिंग करने वाले अंबर ने 1578 रैंक हासिल की है। पिता ओमप्रकाश शर्मा एचडीएफसी बैंक लखनऊ में प्रबंधक हैं। केंद्रीय विद्यालय हल्द्वानी से उसने पिछले साल बारहवीं पास किया था। उसके बाद कोचिंग की। अम्बर पहले प्रयास में पिछले साल सफल नहीं हुए थे। निराशा हुई पर उसने हिम्मत नहीं हारी। इस बार उसकी मेहनत रंग लाई। अम्बर का कहना है कि सोशल मीडिया से दूरी बनाई। प्रतिदिन दस घंटे वह पढ़ाई को देता था। उसका सपना आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करना है।
दूसरे प्रयास में आकाश ने छुआ कामयाबी का शिखर
आकाश गंगवार ने इस बार जेईई एडवांस में 1688 जनरल रैंक हासिल करके साबित कर दिया कि असफलता से कभी मायूस होकर मंजिल पाने की इच्छा नहीं छोड़ने चाहिए। उसकी ओबीसी रैंक 254 है। मेडिट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के छात्र आकाश गंगवार ने पिछले वर्ष सेंट फ्रांसिस स्कूल टॉपर रहे हैं। पिछले साल उसने एडवांस में 15728 रैंक हासिल की थी। अच्छा संस्थान ना मिलने के कारण उन्होंने एक वर्ष और कड़ी मेहनत की। हालांकि इस बार भी उनकी उम्मीद के मुताबिक रैंक नहीं आई है। फिर भी आकाश को आईआईटी दिल्ली में एडमीशन मिलने की उम्मीद है। आकाश के पापा कुंवर सिंह गंगवार मत्स्य विभाग में फील्ड डेवलपमेंट ऑफिसर हैं। मां हेमेंद्र कुमारी हाउस मेकर हैं। मूलत: पीलीभीत के रहने वाले आकाश का परिवार सुरेश शर्मा नगर में रहता है।