बरेली। अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालयीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय की टीम को 16 मई को चेन्नई जाना है। खिलाड़ियों ने रुहेलखंड विवि प्रशासन पर आरोप लगाया कि ट्रेन का टिकट उनसे ही बुक कराया जा रहा है, जबकि यह जिम्मेदारी मैनेजर की होती है।
टीम में शामिल खिलाड़ियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि प्रतियोगिता में आवागमन का खर्च विश्वविद्यालय की ओर से दिया जाता है। इस बार खिलाड़ियों से खुद ही ट्रेन में रिजर्वेशन करने के लिए कहा जा रहा है। कई खिलाड़ी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। इसको लेकर पावर लिफ्टिंग के व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज डाला गया था। इसके बाद इस पर खिलाड़ियों ने नाराजगी व्यक्त की।
दरअसल, तमिलनाडु फिजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय इस बार अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यलयीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। इस विश्वविद्यालय के खेल सचिव डॉ. के राजेश कुमार ने 26 अप्रैल को पत्र जारी किया था। इसमें प्रतिभाग करने वाले विश्वविद्यालयों को सूचित किया गया है कि प्रतियोगिता में एंट्री के लिए अंतिम तारीख 15 मई है। वहीं, टीम मैनेजरों की बैठक 19 मई को होगी। 20 से 25 मई के मध्य प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें प्रतिभाग करने के लिए रुविवि के 11 खिलाड़ियों को चेन्नई जाना है।
वर्जन
विश्वविद्यालय की ओर से तीन दिन पूर्व खिलाड़ियों को ले जाने का आदेश मिला था। ऐसे में ट्रेनों में टिकट की समस्या हो रही थी। अधिकतर ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। 16 मई को निकलना है। इसको लेकर खिलाड़ियों से कहा गया था कि जिसका हो जाए, वह खुद टिकट बुक कर ले। उसे बाद में शुल्क दे दिया जाएगा। - प्रणय कुमार, मैनेजर, पावर लिफ्टिंग टीम
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अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता कराई जा रही है। इसमें खिलाड़ियों के आवागमन की जिम्मेदारी टीम मैनेजर की होती है। अगर खिलाड़ियों से टिकट बुक कराया जा रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। - प्रो. आलोक श्रीवास्तव, क्रीड़ा सचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय