एक निजी कालेज के प्रशासन पर आरोप, कोरोना काल में फीस नहीं दी तो नहीं दे रहे प्रवेश पत्र
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कालेज की शिकायत लेकर विवि के परीक्षा नियंत्रक से मिले छात्र
बरेली। एक निजी कॉलेज में एमएड की पढ़ाई कर रहे कई छात्र बुधवार को कालेज प्रशासन के खिलाफ शिकायत लेकर विवि में परीक्षा नियंत्रक से मिले। छात्रों की शिकायत थी कि कोरोना काल में वह फीस जमा नहीं कर पाए तो कालेज अब उन्हें परीक्षा में बैठने से रोक रहा है। छात्रों का आरोप था कि कालेज प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जिन छात्रों को 11 सितंबर से शुरू हो रही परीक्षा में बैठना है उन्हें पहले पूरी फीस भरनी होगी।
कालेज प्रशासन के रवैय्ये से छात्रों को अपना साल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। बुधवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचे छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक से मिलकर कहा कि वे वर्ष 2018-19 की परीक्षा पास कर चुके हैं। छात्रों ने कहा कि उनका प्रवेश नि:शुल्क सीट पर किया गया था। प्रवेश के समय कालेज प्रशासन ने कहा था कि समाज कल्याण विभाग में फीस प्रतिपूर्ति होने के बाद उसका समायोजन कर लिया जाएगा। छात्रों का कहना है कि दूसरे वर्ष की परीक्षा के फार्म भी भरवा लिए गए। अब 11 सितंबर से परीक्षाएं होनी हैं। लेकिन तमाम छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं दिया जा रहा है। कॉलेज वाले कह रहे हैं कि पहले पहले 30 हजार रुपये फीस जमा करो, उसके बाद ही प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को बताया कि कोरोना काल की वजह से उनके लिए इतनी मोटी फीस जमा कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विवि की ओर से दखल नहीं दिया गया तो उनका साल बर्बाद हो सकता है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि शिकायत मिली है, जांच कराकर मामले में कार्रवाई की जाएगी। वहीं, छात्रनेता गजेंद्र कुमार ने चेतावनी दी कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।