सड़क पर गंदगी या अतिक्रमण करने वालों से अब जुर्माने के रूप में मोटी रकम वसूली जाएगी। इसके लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 के तहत कार्रवाई का खाका तैयार किया जा रहा है। बायलॉज बनाने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। गंदगी और अतिक्रमण करने वालों से 500 से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। इसे एमएसडब्ल्यू रूल में स्मार्ट फाइन नाम दिया गया है।
नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने बताया कि इंदौर में स्मार्ट फाइन के तहत हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपये वसूले जाते हैं। इसे बरेली में भी लागू करके डेयरी वालों के अलावा अतिक्रमण करने और सड़कों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बायलॉज बनाने की जिम्मेदारी पर्यावरण अभियंता यूके वर्मा को दी गई है। हालांकि इससे पहले बायलॉज समिति ने लाइसेंस और जुर्माने को लेकर कई नियम बनाए थे लेकिन यह बोर्ड में पास नहीं हो सका था।
अतिक्रमण करने पर देना होगा 5000 रुपये रोज जुर्माना
अगर पक्का अतिक्रमण किया गया तो 5000 रुपये रोज के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। 15 दिन बाद जुर्माने की रकम बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी जाएगी। इसके बाद निर्माण ढहा दिया जाएगा। निर्माण ढहाने पर आने वाला पूरा खर्चा अतिक्रमणकारी को ही देना होगा।
डेयरी की गंदगी अब बर्दाश्त नहीं
जब तक डेयरी को शहर से बाहर नहीं किया जाता है तब तक डेयरी संचालकों से भी जुर्माना वसूला जाएगा। अगर डेयरी की गंदगी को सड़कों, नालियों में बहाया गया तो नगर निगम की टीम 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लेगी। यहां बता दें कि शहर में 90 से ज्यादा डेयरी चल रही हैं।
रेता बजरी का शहर में नहीं होगा काम
पहले से बने बायलॉज में रेता बजरी के कारोबार को शहर में अनुमति न देने पर सहमति बनी थी। नगर निगम की सड़क या जमीन पर कोई कारोबार करता है तो उससे 1000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।