बरेली। मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं होने पर झिझकने की जरूरत नहीं है। अपने परिवार के किसी सदस्य को बताएं। कई बार लक्षण देखकर घबराहट हो जाती है। ऐसे में इंटरनेट पर इसका समाधान न ढूंढें। विशेषज्ञ पर भरोसा करें। अमर उजाला की ओर से इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में सोमवार को आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती सरन ने ये बातें कहीं।
डॉ. भारती ने छात्राओं को कॅरिअर से जुड़ी जानकारी भी दी। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया। कहा कि खुद को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार और अच्छी नींद लेना जरूरी है। इसके लिए व्यायाम करें और रात में सोने से पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करें। पीरियड आने पर अपने नियमित कार्यों को करती रहें। अगर अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही हो तो खून की जांच कराएं। सुबह बिना नाश्ता किए विद्यालय न आएं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य चमन जहां ने की। विशेषज्ञ ने छात्राओं के शॉर्ट साइट, मीनोरेगिया, स्केंटीपीरियड, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम डिजीज (पीसीओडी), डिस्मेनोरिया, एंडोमेट्रोसिस आदि से संबंधित सवालों के भी जवाब दिए। छात्राओं ने बाल गिरने, अधिक भूख लगने, पीरिएड में पेट में अधिक दर्द होने का कारण और समाधान भी प्राप्त किया।
फोन से बनाएं दूरी, किताबों से करें दोस्ती
डॉ. भारती ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। एकाग्रता के लिए योग और ध्यान कर सकते हैं। वर्तमान में स्मार्टफोन का उपयोग करते हुए लोग अपनी नींद के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। इसका प्रभाव उनकी दिनचर्या पर पड़ता है। छात्र जीवन में मोबाइल फोन का सीमित इस्तेमाल करें। किताबों से दोस्ती कर अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।