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Bareilly News: नमाज खामोशी से निपट गई तो किसके इशारे पर हुआ बवाल

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बरेली। दोपहर ढाई बजे मस्जिदों में नमाज होने तक सब ठीकठाक रहा। पुलिस को इसी अवधि में बवाल की आशंका थी, लेकिन ढाई बजे के बाद भीड़ अलग हिस्सों से इस्लामिया मैदान की ओर बढ़ी और पुलिस पर हमलावर हो गई। बवाल का मास्टरमाइंड कौन है, इसकी जांच की जा रही है।
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साल में तीन-चार बार आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां इसी तरह के विरोध-प्रदर्शन का ऐलान करते हैं। कोतवाली इलाके का इस्लामिया इंटर कॉलेज का मैदान उनके शक्ति प्रदर्शन का केंद्र होता है। उनके ज्यादातर विरोध प्रदर्शन का दिन शुक्रवार ही रहता है। कई साल से यह सिलसिला चल रहा है। कुछ बार मौलाना इस्लामिया मैदान जाने में सफल होते हैं तो कुछ बार तकरार के बीच घर पर ही उनसे ज्ञापन ले लिया जाता है।
इस बार भी मौलाना ने नमाज के बाद इस्लामिया मैदान में विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया था। तब पुलिस ने मैदान को सील कर दिया। आईएमसी नेताओं की नजरबंदी के साथ शहर में प्रवेश के प्रमुख मार्गों की नाकाबंदी कर दी। श्यामगंज समेत कई जगह बैरियर लगाकर लोगों को इस्लामिया मैदान की ओर जाने से रोके रखा। इस तरह जब ढाई बज गए और नमाज निपट गई तो लोगों को रोकने का कोई मतलब नहीं था।
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पुलिस को उम्मीद थी कि जब मौलाना ही नहीं आए और सब जगह नमाज भी हो गई तो अब कोई क्यों बवाल करेगा। हालांकि इसी मोर्चे पर पुलिस चूक गई। अब जांच में पता लग रहा है कि तय वक्त निकलने के बाद कुछ लोगों को स्थिति फजीहत जैसी नजर आई तो खुराफात का सिग्नल दे दिया। समझ आ रहा है कि बवाल सोच-समझकर किया गया। कुछ लोगों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। अब पुलिस इनकी कुंडली तैयार कर रही है।
हाथ काटने के बयान से बैकफुट पर आए, पत्र के बाद वीडियो से बना असमंजस
शुक्रवार के आयोजन को लेकर मौलाना व उनका संगठन शुरू से ही अनिश्चय की स्थिति में रहा। सप्ताहभर पहले ही आईएमसी को पार्टी का दर्जा खत्म करने का नोटिस दिया गया है। चार दिन पहले पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस खान का अपने करीबी लोगों के बीच दिया बयान वायरल हो गया था। वीडियो में वह कह रहे थे कि मैंने किला इंस्पेक्टर से साफ कह दिया कि बैनर पर हाथ लगाया तो हाथ काट लूंगा। वर्दियां नहीं बचेंगी। इस वीडियो के वायरल होने पर किला थाने में नफीस के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली गई। अब दूसरे संगठन के नेता मोईन रजा को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। सूत्र बताते हैं कि बृहस्पतिवार रात पुलिस के संपर्क में आए डॉ. नफीस व पार्टी के अन्य नेताओं ने मौलाना से बात करने के बाद ही पुलिस से पत्र जारी कराया था। खुद उन्होंने मीडिया से बात करने से परहेज किया था। सुबह इस मामले में मौलाना ने बयान जारी करके कहानी पलट दी। इससे ये भी लग रहा है कि पार्टी में अंदरखाने सब ठीक नहीं चल रहा है।
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