न्यायालय की ओर से एक अप्रैल को धारा 82 के तहत नोटिस जारी किया था। कानून के जानकारों की मानें तो नोटिस के बाद आरोपी को एक माह तक का समय दिया जाता है। ऐसे में 30 अप्रैल तक अगर मौलाना अदालत में हाजिर नहीं हुए तो पुलिस धारा 83 के तहत कुर्की वारंट मांगेगी।
अगले 10 दिन मुश्किल भरे
20 अप्रैल को पुलिस को अदालत में यह बताना होगा कि मौलाना की कुर्की की उद्घोषणा के बाद पुलिस ने क्या प्रयास किए? इसके तहत पुलिस अब मौलाना के इलाके में घर के पास डुगडुगी भी बजवा सकती है। अभी तक मौलाना को कहीं से कोई राहत नहीं मिल सकी है। इससे साफ हो गया है कि मौलाना को अब अदालत में हाजिर होना होगा।