बरेली। जमीन मिलने के बाद 29 किमी रिंग रोड का निर्माण शुरू हो सकेगा। इस प्रोजेक्ट पर 11 सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद शहर के विकास को भी रफ्तार मिलेगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की बाधा दूर कर काश्तकारों को मुआवजा देने के लिए 300 करोड़ रुपये जारी किए हैं। हालांकि, अभी तक सिर्फ 15 करोड़ रुपये का मुआवजा ही बंट सका है। एक फीसदी जमीन ही एनएचएआई को मिल सकी है, जबकि निर्माण शुरू करने के लिए 80 फीसदी जमीन उपलब्ध होना जरूरी है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक, 29.92 किमी लंबा रिंग रोड झुमका चौराहे से बुखारा होते हुए इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 से जुड़ेगा। अंडरपास और ओवरब्रिज सिक्स लेन के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं। चार बड़े और सात छोटे पुल बनाए जाएंगे। दो फ्लाईओवर और चार रेल ओवरब्रिज प्रस्तावित हैं। संवाद