आमतौर पर घबराहट और सांस फूलने को लोग ब्लड प्रेशर से जोड़कर देखते हैं और लापरवाही करते हैं। जबकि ये हार्टअटैक के लक्षण हैं। इसलिए इसके प्रति गंभीर होकर चिकित्सक को जरूर दिखाएं।
शनिवार को आईएमए में क्लीनिकल मीट का आयोजन किया गया। फोर्टिस हार्ट सेंटर के पूर्व परामर्शदाता डॉ. पवन गोयल ने जानकारी दी कि सर्दियों में अक्सर लोग सीने के दर्द को हल्के में लेते हैं। उसे खानपान से जोड़ते हैं या फिर एसिडिटी से लेकिन ऐसा नहीं है। हार्ट अटैक से पहले ऐसे लक्षण हमेशा नजर आते हैं। यह आम दवा से कंट्रोल नहीं होते हैं। पीठ और कंधे का दर्द को भी गंभीरता से लेना चाहिए। डॉ. पवन ने बताया कि दिल को खून पहुंचाने वाली नलियों में सिकुड़न, खून का थक्का जमना व चर्बी फंसने के कारण दिल का दौरा पड़ता है। ऐसे में समय का बहुत महत्व है। समय पर अस्पताल पहुंचते हैं तो रक्त की रुकावट का पता लगाकर इलाज शुरू हो जाता है। सही समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा बना रहता है। इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल, सचिव डॉ. डीपी गंगवार, साइंटिफिक कमेटी के चेयरपर्सन डॉ. सुदीप सरन व अन्य का सहयोग रहा।