पशुओं को छुट्टा छोड़ने वाले पशुपालकों पर कार्रवाई हो सकती है। इसे लेकर डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पशुपालकों को पहले जागरूक करें, न मानने वालों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट होगी।
बरेली में बार-बार चेतावनी के बावजूद पशुओं को सड़कों पर छोड़ रहे लोगों पर सख्ती की तैयारी है। ऐसे लोगों पर खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज होगी। यह निर्देश रविवार को विकास भवन में आयोजित बैठक में डीएम रविंद्र कुमार ने संबंधित अफसरों को दिए।
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बैठक में बताया गया कि पिछले साल 525 पशु लंपी रोग की चपेट में थे, जिनमें से छह की मौत हुई थी। डीएम ने पुलिस, मजिस्ट्रेट, एसपी यातायात, जीएसटी विभाग के अफसरों को जिले से बाहर के पशुओं के प्रवेश पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए कहा।
पशुओं को छुट्टा छो़ड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों में जो लोग पशुओं को छुट्टा छोड़ रहे हैं। पहले उन्हें जागरूक करें, न मानने वालों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट होगी। गोशाला में उचित व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के टीकाकरण, गोशाला में नियमित पशुओं की निगरानी, बछड़े-बछिया को अलग रखने, ईयर टैगिंग सौ फीसदी कराने के निर्देश दिए।
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पशुधन मंत्री ने दिए थे निर्देश
विकास भवन सभागार में शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह कहा था कि पहली नवंबर से 31 दिसंबर तक सभी जिलों में वृहद अभियान चलाकर छुट्टा पशु पकड़े जाएंगे। उन्हें गो-आश्रय स्थलों में रखेंगे। इसके बाद खेतों में सड़कों पर छुट्टा पशु मिले तो उन्हें कांजी हाउस भेजा जाएगा। कान में लगे टैग से गोवंश के मालिक का पता लगाया जाएगा। पशु मालिक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
डेंगू, मलेरिया के प्रभावित क्षेत्र में हो प्रभावी कार्रवाई
मच्छरजनित रोगों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने के लिए रविवार को डीएम रविंद्र कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अतिसंवदेनशील मीरगंज, शेरगढ़, फतेहगंज पश्चिमी, आंवला, भोजीपुरा, इज्जतनगर, सुभाषनगर, सिविल लाइंस, बानखाना, गंगापुर में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। लार्वी साइट डलवाने, मैलाथियान की फॉगिंग करवाने, लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।