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आईडीएसपी के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर का परिवार भी संक्रमित, खलबली मची

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जांच के लिए सैंपल लेते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सहकर्मियों ने ड्यूटी पर आने के विरोध में किया हंगामा, सीएमओ से शिकायत
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सैंपल कराकर डीपीएम को क्वारंटीन कराया, जिला अस्पताल में सैनिटाइजेशन

बरेली। सरकारी अस्पतालों के कई स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने के बाद अब जिला अस्पताल में चल रही आईडीएसपी यूनिट के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर यानी डीपीएम का परिवार भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया है। परिवार के सदस्यों के संक्रमित होने के बावजूद डीपीएम के ड्यूटी पर आने पर शुक्रवार को यूनिट के दूसरे कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। सीएमओ से शिकायत के बाद डीपीएम का सैंपल लेकर उन्हें क्वारंटीन करा दिया गया।
किला में रहने वाला एक परिवार तीन दिन पहले कोरोना संक्रमित पाया गया था। आईडीएसपी में डीपीएम के पद पर तैनात शख्स भी इसी परिवार का सदस्य है लेकिन इसके बावजूद वह लगातार ड्यूटी पर आ रहा था। शुक्रवार को यूनिट के दूसरे लोगों को इसकी जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। काफी देर तक यूनिट में हंगामा करने के बाद महिला कर्मचारियों समेत कई लोग सीएमओ ऑफिस पहुंच गए। सीएमओ से कहा कि परिवार संक्रमित होने के बावजूद डीपीएम के ड्यूटी पर आने से यहां भी संक्रमण बढ़ सकता है। लिहाजा तत्काल डीपीएम के कार्यालय आने पर रोक लगाई जाए। इसके बाद अधिकारियों ने डीपीएम को अपने सैंपल की जांच कराने और होम क्वारंटीन होने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल में सैंपल लेने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इस घटना के बाद सीएमओ, एसीएमओ और जिला अस्पताल के दूसरे कार्यालयों को सैनिटाइज भी कराया गया। ब्यूरो

सैंपल देने आए लोगों के लिए डाली गईं कुर्सियां

तीन सौ बेड अस्पताल में कोरोना सैंपल देने के लिए लोगों को अब घंटों लाइन में नहीं खड़ा रहना होगा। परिसर में उनके बैठने के लिए कुर्सियां लगवा दी गई हैं ताकि स्क्रीनिंग के बाद सैंपल लिए जाने तक वे आराम से बैठ सकें। इनमें शामिल संदिग्ध लोगों के परिसर में घूमने पर पाबंदी भी लगाई गई है। निगरानी की जिम्मेदारी हॉस्पिटल इंचार्ज को सौंपी गई है।

कोरोना के केस बढ़े तो होश में आए अब घर-घर सर्वे कराने का दावा

बरेली। शासन ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के मुद्देनजर शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग को प्रशासन के सहयोग से जिले में प्रत्येक घर का सर्वे करने और इसकी रिपोर्ट तैयार कराने के साथ संदिग्ध लोगों के सैंपल की जांच कराने का भी निर्देश दिया है।
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जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले में घर-घर सर्वे किया जाएगा। इसकी बागडोर आशा वर्करों को दी गई है। पोलियो ड्रॉप पिलाने वाले मानदेय कर्मियों का भी इसमें सहयोग लिया जाएगा। ये टीमें लोगों को संक्रमण से बचाव के तरीके भी बताएंगी। उन्होंने बताया कि आशा वर्करों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। बाकी को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। एसीएमओ के मुताबिक कई स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित पाए जाने के बाद अब सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के सैंपल लेकर उनकी जांच कराने का फैसला लिया गया है। सर्वे में संदिग्ध मिले लोगों के भी सैंपल सीएचसी पर ही लिए जाएंगे। शहरी क्षेत्र में एमएमयू की टीम सैंपल लेगी। ब्यूरो
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