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आईसीएल ग्रुप का निदेशक गिरफ्तार: बरेली मंडल में हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगे, कई मुकदमे हैं दर्ज

Sat, 27 May 2023 02:53 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

आरके गोला आईसीएल ग्रुप ऑफ कंपनीज का निदेशक है। उसने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये निवेश कराए। इसके बाद रकम नहीं लौटाई। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। 
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आईसीएल ग्रुप का निदेशक आरके गोला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में आईसीएल ग्रुप ऑफ कंपनीज का निदेशक रूपकिशोर गोला आखिरकार पकड़ा गया है। वह हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपये डकार गया था। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। परेशान निवेशकों ने उसे और उसके सहयोगी को अखा गांव के पास उसके डेयरी फार्म से पकड़ा और वहीं से गांधीपुरम स्थित कार्यालय ले आए। यहां पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

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निवेशकों ने हाल ही में गोला व उसके साथियों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। धोखाधड़ी और गबन के कुछ मामले उसके खिलाफ पहले से दर्ज थे। वह शहर में कम ही आता था और मोबाइल बंद करके रहता था। निवेशकों को पता लगा कि गोला अपने डेयरी फार्म पर अक्सर जाता है। उन्होंने योजना बनाकर उसे वहीं जाकर पकड़ लिया।

हालांकि निवेशकों ने वहीं से प्रेमनगर पुलिस को सूचना दे दी। इधर से पुलिस भी वहां रवाना हो गई। इस बीच लोग उसे पकड़कर गांधीपुरम कार्यालय ले आए। भीड़ काफी गुस्से में थी। 

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रकम दोगुनी करने का दिया था झांसा 

निवेशकों ने बताया कि आरके गोला आईसीएल ग्रुप ऑफ कंपनीज का निदेशक है। वह उन्हें झांसा देता था कि पांच वर्ष रुपये जमा करने पर 12.5 प्रतिशत ब्याज देगा। पांच वर्ष पूरे होने पर रुपये लौटा देगा। इस तरह रकम को दोगुनी से भी ज्यादा करने का सपना दिखाया गया। कई लोगों के निवेश की अवधि पहले कोरोना काल में पूरी हो गई थी। जब निवेशकों ने रुपये मांगे तो गोला ने कह दिया कि कोरोना के कारण कंपनी घाटे में चली गई है।

आरोप है कि इसके बाद बिना किसी के हस्ताक्षर कराए एफडी की अवधि तीन वर्ष और बढ़ा दी। दिसंबर 2022 में यह अवधि भी पूरी हो गई। तब से फिर गोला आनाकानी कर रहा था। तब निवेशकों के उसके खिलाफ रिपोर्ट कराईं।

सत्ता पक्ष के नेताओं का चहेता है गोला

आरके गोला चालाक व्यवसायी है। वह हमेशा सत्तापक्ष में मजबूत पकड़ बनाकर रहता है। यही वजह है कि वह निवेशकों को कुछ नहीं समझता। पहले वह सपा नेताओं का खास था और उसने उनकी दोस्ती के दम पर डेयरी फार्म खोला। बाद में वह भाजपा सरकार बनने पर भाजपा नेताओं के संपर्क में आ गया। निवेशकों का कहना है कि गोला अक्सर उन्हें अपने सत्तापक्ष से संबंधों की हनक दिखाता था। गोला के कई फोटो सत्तापक्ष के बड़े नेताओं के साथ हैं।

बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी ठगा

गोला ने केवल बरेली ही नहीं, बल्कि मंडल के चारों जिलों में लोगों को लुभावने सपने दिखाकर ठगी की है। बदायूं के सिविल लाइंस, उझानी आदि थानों में उसके खिलाफ ऐसे ही ठगी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पीलीभीत व शाहजहांपुर के भी कई निवेशकों ने उसकी कंपनी में पैसा लगाया था। कई मामलों में चार्जशीट लगने की बात भी बताई जा रही है। बावजूद रसूख की वजह से पुलिस उसे पकड़ने से कतरा रही थी।
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थाना प्रेमनगर के इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरके गोला के खिलाफ दर्ज मामलों में विवेचना चल रही है। हालांकि निवेशकों ने उसे पकड़ लिया तो पुलिस गोला और उसके सहयोगी को थाने ले आई। उससे पूछताछ की जा रही है। कुछ निवेशकों ने नया शिकायती पत्र भी दिया है।

एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से मुकदमे दर्ज हैं और अब वह पकड़ा गया है तो उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 
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