नवाबगंज (बरेली)। आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के चमरौआ गांव स्थित पैतृक आवास पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के दूसरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। परिवार ने मुख्य गेट ही नहीं खोला। ग्रामीणों से भी दूरी बना ली है। ग्रामीण भी उनके घर की ओर नहीं गए।
कर्नाटक लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमिताओं से जुड़े मनी लॉन्डि्रंग के मामले में आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार की भूमिका की भी जांच चल रही है। 22 अगस्त को बंगलूरू में ज्ञानेंद्र कुमार के लापता होने की खबर के बाद विवाद खड़ा हो गया था। ज्ञानेंद्र कुमार 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
रविवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने ज्ञानेंद्र के पैतृक आवास पर छापा मारा था। घर में महिलाएं और बच्चे ही मिले। जांच के बाद टीम रात नौ बजे लौट गई थी। आईएएस अधिकारी के भाई ग्राम प्रशासक कमल पटेल ने फोन कॉल पर हुई वार्ता में बताया कि पिता की तबीयत खराब होने की वजह से वह लोग फिलहाल दिल्ली में हैं।