I take stock before team Farmers kept his word
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की टीम के ग्रामीण भ्रमण में किसानों ने पोर्टल समेत ऑनलाइन अनाज की बिक्री के लिए रेट पता करने में आने वाली कठिनाईयों को रखा। किसानों का कहना था कि कृषि से संबंधित जानकारी देने वाला पोर्टल अंग्रेजी में है। इससे उनको रबी, खरीफ और जायद फसलों की जानकारी ठीक ढंग से नहीं मिल पाती। अगर पोर्टल पूरी तरह हिंदी में हो तो उनको पूरी बात आसानी से समझ में आएगी। इससे पहले टीम के सदस्यों ने डेलापीर अनाज मंडी पहुंचकर किसानों के लिए संचालित योजनाओं का हाल देखा। दिल्ली से आई टीम ने मंडी सचिव समेत अन्य स्टाफ से सोलर पैनल और ई टेंडरिंग के अलावा लैब में उपलब्ध उपकरणों के बारे में जानकारी की और काम काज के तरीके पर असंतोष जताया। कृषि मंत्रालय की टीम अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगी।
कृषि मंत्रालय की टीम बुधवार को बरेली पहुंची। बृहस्पतिवार की सुबह सर्किट हाउस से जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह के साथ टीम के सदस्यों ने डेलापीर मंडी के गोदाम में अनाज के रखरखाव का हाल देखा। किसानों से अनाज खरीद की प्रक्रिया और उसको गोदाम में सुरक्षित रखने के तरीके के बारे में जानकारी की। मिट्टी की जांच के नमूने और टेस्टिंग लैब के उपकरण भी देखे। मिट्टी के नमूनों के परीक्षण के तरीके की जानकारी ली। टीम ने मंडी सचिव से पूछा कि किन-किन कामों में ई टेंडर प्रक्रिया चल रही है और किन कामों के मैनुअल टेंडर कराए जाते हैं।
मंडी सचिव और उनके स्टाफ ने ई टेंडरिंग वाले कामों का ब्योरा सदस्यों के समक्ष रखा। राष्ट्रीय कृषि बाजार (इनाम) की प्रगति के बारे में जानकारी लेने के बाद टीम किसानों से बातचीत करने के लिए गांव रवाना हो गई। नवाबगंज और भोजीपुरा के गांवों में भ्रमण के दौरान टीम के सदस्यों ने रबी और खरीफ की फसलों की सरकारी रेट पर बिक्री के बारे में जानकारी की और किसानों की समस्याएं भी सुनीं।