बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने मानसिक रूप से कमजोर पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह अतिरिक्त कारागार में रहना होगा। उसने पत्नी को भूखा-प्यासा कमरे में बंद रखा था। इससे उसकी मौत हो गई।
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थाना सुभाषनगर क्षेत्र के गांव रोधी निवासी राकेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन ममता की ससुरालियों ने हत्या कर दी है। 25 मार्च 2021 को उसे यह सूचना मोबाइल फोन पर मिली थी। वह ममता की ससुराल थाना सुभाषनगर के गांव करेली पहुंचा तो उसका सड़ा-गला शव पड़ा था। कीड़े पड़ गए थे।
भूख-प्यास के कारण हुई थी मौत
राकेश ने पति मनोज, ससुर नत्थू लाल, सास लज्जावती, जेठ विजेंद्र, रामकिशोर, विनोद, जेठानी रामबेटी, धनदेवी और जयंती को आरोपी बनाया था। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से आठ गवाह और 12 साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट में गवाही के दौरान वादी राकेश, मृतका के चचेरे भाई धीरेंद्र, मुकेश और रूवेंद्र बयान से पलट गए। कोर्ट ने इनको पक्षद्रोही घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने बयान में भूख-प्यास के कारण मौत की बात कही।
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पुलिस की ओर से पेश किए गए स्वतंत्र गवाहों ने बयान दिया कि ममता मानसिक रूप से कमजोर थी। मनोज उसे भूखा-प्यासा रखता था। जांच और बयानों से यह भी साफ हो गया कि मनोज अपने परिवार से अलग रहता था। कोर्ट ने सास, ससुर, जेठ और जेठानियों दोषमुक्त करार दिया। पति मनोज को हत्या का दोषी पाते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।