संवेदनशील गांव खैलम में थी बवाल कराने की तैयारी
आंवला। सांप्रदायिक लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले अलीगंज थाने के गांव खैलम में एक बार फिर मजहबी उन्माद फैलाने की कोशिश पुलिस की चौकसी से नाकाम हो गई। दो दिन पहले यहां एक घर में छह देसी बम मिले थे। छानबीन में पता चला कि जिस युवक की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर बम बरामद किए, खुद उसी ने अपने दोस्तों के साथ खेत में बैठकर बम बनाए थे और फिर तनाव बढ़ने के लिए उन्हें दूसरे समुदाय के अपने विरोधियों के घर में छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दो दिन पहले खैलम गांव में खान सिंह मौर्य के घर में देसी बम रखे होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। इस पर पुलिस ने खान सिंह के घर में दबिश देकर छह बम बरामद किए थे। खान सिंह को हिरासत में लिया गया तो उन्होंने एसपी देहात की पूछताछ में बताया कि वह इस मकान को पशुशाला के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। बम के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पुलिस ने इसके बाद बम की सूचना देने वाले मुखबिर से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
आरोपी ने बताया कि उसने खान सिंह को फंसाने के लिए ऐसा किया था। उसने गांव में सूरजपाल मौर्य के घर में भी बम रखने की बात स्वीकारी। उसने बताया कि उसका और उसके दोस्त का काफी समय से खान सिंह और सूरजपाल से विवाद चल रहा है। उन्हें फंसाने के लिए उन दोनों ने गांव के ही एक बदमाश की मदद से गांव के बाहर गन्ने के खेत में बैठकर बम बनाए और दोनों के घरों में रख दिए। दरोगा रामस्वरूप ने बताया पीएसी के बम निरोधक दस्ते का इंतजार किया जा रहा है। कुछ और जगह बम मिल सकते हैं। सभी को नष्ट कराया जाएगा।