जंगबहादुरगंज। सहकारी गन्ना विकास समिति की सामान्य निकाय बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट पांच करोड़ 33 लाख रुपये पारित किया गया, जिसमें एक लाख 17 हजार रुपये की बचत दर्शाई गई है। बैठक में बीते पेराई सत्र में अनियमित पर्ची आवंटन और एससीडीआई डॉ. अंगद प्रसाद सिंह की एक टिप्पणी को लेकर सदस्यों ने जमकर हंगामा काटा। सदस्यों ने एससीडीआई के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की। एससीडीआई ने माफी मांग ली, जिससे मामला शांत हो पाया।
अध्यक्ष ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैैठक में रामचंद्र गौतम, कुलदीप शुक्ल, शिवसरन मिश्र, विनोद ने पिछले गन्ना पेराई सत्र में पर्ची वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के बिना कारण बताए सट्टे बंद कर दिया गए। सचिव गजेंद्र कुमार कटियार ने गलती मानते हुए कहा कि भविष्य में दोबारा ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा वर्ष 2017-18 और 2018-19 के संतुलन पत्रों का अनुमोदन किया गया। सदन में अतिरिक्त चार प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ प्रदान करने के लिए अप्रैल और अक्तूबर को ऋण डिमांड लगाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। डीएससीएल शुगर अजबापुर के केन हेड सुभाष खोखर ने गन्ना किसानों की समस्याओं को पूरी तत्परता से समाधान कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि 26 गन्ना क्रय केंद्र हरियावां चीनी मिल को आवंटित किए जाने से किसानों का गन्ना समय पर बिक जाएगा। राम मोहन शुक्ल, शरद सिंह कुशवाहा ने भी विचार व्यक्त किए।