बरेली। रामपुर बाग के सिसिली रेस्टोरेंट में अवैध हुक्का बार पकड़े जाने के 48 घंटे बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज हो गई। इससे पहले पुलिस इंतजार करती रही कि एफएसडीए के अफसरों की ओर से इस मामले में तहरीर दिए जाने का इंतजार करती रही। एफएसडीए अफसरों के पूरी तरह हाथ खड़े कर दिए जाने के बाद यह मामला गले में फंसा तो पुलिस को ही एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। टोबैको एक्ट की धारा 269 के तहत दर्ज हुई इस एफआईआर में रेस्टोरेंट मालिक और उसके मैनेजर को नामजद किया गया है।
सिसिली रेस्टोरेंट 23 सितंबर की शाम को पुलिस ने छापा मारकर यहां हुक्का बार चलता पाया था। पुलिस ने इसके बाद मौके पर ही एफएसडीए के अधिकारी देवेंद्र सिंह आजाद को भी बुलवा लिया लेकिन जब एफआईआर दर्ज कराने की बात आई तो वह पीछे हट गए। इसके बाद दो दिन तक यह मामला एफएसडीए और पुलिस के बीच फुटबाल बना रहा। बुधवार देर रात चौकी चौराहा चौकी प्रभारी वेदपाल सिंह की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। चौकी प्रभारी के मुताबिक 23 सितंबर को इलाके में भ्रमण के दौरान उन्हें रामपुर गार्डन के सिसिली कैफे में हुक्का बार चलने की सूचना मिली। वे रेस्टोरेंट पहुंचे तो वहां दो टेबल पर कुछ लड़के-लड़कियां हुक्का पीते मिले। इनमें कुछ नाबालिग भी थे। कैफे के मैनेजर नवनीत कुमार ने बताया कि वह हार्टमन कॉलोनी में रहने वाले रेस्टोरेंट मालिक शिवेंद्र सिंह के निर्देश पर हुक्का बार चला रहा है। मैनेजर ने उन्हें कैफे फूड का लाइसेंस दिखाया लेकिन हुक्का बार चलाने का कोई कागज नहीं मिला। मौके पर दो बड़े हुक्के, चिलम, पॉट के साथ और भी सामान बरामद हुआ।
एफएसडीए ही फूड लाइसेंस देती है। उसे हुक्का बार जैसी गतिविधियों का पता होना चाहिए और उन्हें पुलिस की मदद से बंद कराना चाहिए। एफएसडीए अफसर पुलिस कार्रवाई के वक्त मौजूद थे। हम उनकी ओर से तहरीर का इंतजार कर रहे थे। वह नहीं आए तो पुलिस टीम की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। - गीतेश कपिल, इंस्पेक्टर कोतवाली
हमने पहले ही बता दिया है कि रिपोर्ट दर्ज कराने की व्यवस्था फूड एक्ट में नहीं है। हम सिर्फ लाइसेंस निरस्त कर सकते हैं। सिसली कैफे पर तो सौ रुपये वाला ऑनलाइन पंजीकरण ही था जिसे निरस्त करने की कार्रवाई कर दी गई। बाकी कार्रवाई पुलिस ने की थी तो रिपोर्ट उन्हीं को लिखनी चाहिए। - धर्मराज मिश्रा, अभिहीत अधिकारी एफएसडीए
ये है टोबेको एक्ट की धारा 269
पुलिस ने टोबेको एक्ट की धारा 269 के सेक्शन 6 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों सजा का प्रावधान है। ऐसे किसी विधिविरुद्ध कृत्य जिससे किसी रोग का संक्रमण फैलने से किसी के लिए जीवन को संकट पैदा हो जाए, उसमें यह कार्रवाई की जाती है।
पुलिस में कांस्टेबल है शिवेंद्र की पत्नी
सिसली कैफे मालिक शिवेंद्र की पत्नी महिला कांस्टेबल बताई जाती है। इसलिए इस छापामार कार्रवाई के बाद इस तरह की चर्चा जोरों पर रही कि पुलिस विभाग के लोगों की मिलीभगत से धंधा चल रहा है। हालांकि पुलिस अफसरों ने साफ किया कि आरोपी कोई भी हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जहां चलेगा हुक्का बार, नपेगा वहां का थानेदार
बरेली। युवाओं और नाबालिग बच्चों की नसों में जहर घोल रहे हुक्का बार पर डीआईजी ने सख्ती दिखाई है। व्यापारियों की शिकायत के बाद उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिए कि शहर में किसी हालत में हुक्का बार न चलने दिए जाएं। व्यापारियों को एसएसपी को ऐसे स्थानों की लिस्ट भी देने को कहा जहां हुक्का बार चलाए जा रहे हैं।
पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष व यूथ पॉवर संगठन के संयोजक रामकृष्ण शुक्ला के साथ कई व्यापारी बुधवार दोपहर डीआईजी राजेश पांडेय से मिले। उन्हें बताया कि शहर में तमाम अवैध हुक्का बार चल रहे हैं। इक्का-दुक्का हुक्का बार पर कार्रवाई से कोई असर नहीं पड़ा है। डीआईजी ने इसके बाद एसएसपी को फोन पर हुक्का बार पर पूरी तरह लगाम लगाने के निर्देश दिए। कहा कि हुक्का बार पर थानेदारों की जवाबदेही तय की जाए। एक थाने की पुलिस को दूसरे थाना क्षेत्र में भेजकर जांच कराई जाए। अगर हुक्का बार चलता मिले तो थानेदारों पर भी कार्रवाई करें। संबंधित विभागों का सहयोग न भी मिले तो पुलिस सख्त कार्रवाई करे। व्यापारी या समाजसेवी संगठन हुक्का बार के बारे में कोई सूचना दें तो उन्हें भी गंभीरता से लिया जाए।
हुक्का बार के विरोध पर धमकियां
हुक्का बार के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाले व्यापारी नेता यूथ पावर के संयोजक रामकृष्ण शुक्ला को मंगलवार रात बाइक सवार दो लड़कों ने जान से मारने की धमकी दी। अज्ञात युवकों के खिलाफ उन्होंने डीआईजी से शिकायत की। डीआईजी ने एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं। शुक्ला ने डीआईजी को बताया कि रात नौ बजे वह कार से घर जा रहे थे। संजयनगर मेन रोड से घर के मोड़ पर पीछे से एक बाइक पर आए दो लड़कों ने रुकने का इशारा किया। उन्होंने कार रोककर शीशा नीचे किया तो एक लड़के ने कहा कि हुक्का बार ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है। एक मिनट में जान से हाथ धो बैठोगे। इसके बाद वह बाइक पर बैठकर भाग गया। वह जल्दबाजी में बाइक का नंबर भी नहीं देख सके।