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Bareilly News: कैसे जानें शिशुओं-गर्भवतियों का हाल, महिला स्वास्थ्यकर्मियों को आ रहीं अनचाही कॉल

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फीडबैक लेने के बाद पुरुष परिजन पलटकर करते हैं बात करने का प्रयास
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बरेली। गर्भवतियों, प्रसूताओं और नवजात का हाल जानने के लिए उनके परिजनों को फोन कॉल करना महिला स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। पुरुष परिजन महिला स्वास्थ्यकर्मियों को पलटकर अनचाही कॉल कर जबरन बात करने का प्रयास करते हैं। आरोप है कि अधिकारी ऐसे मामलों में कार्रवाई कराने के बजाय कॉल करने वाले का नंबर ब्लॉक करने की सलाह देते हैं।
पुराना शहर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मी के मुताबिक एंटीनेटल केयर के लिए पहुंची गर्भवती ने उनके यहां अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया था। अगली तिथि पर उसे बुलाने के लिए कॉल की गई तो किसी पुरुष ने कॉल रिसीव की। उन्होंने गर्भवती से बात तो कराई, पर शाम को पलटकर कॉल आई। उसने कई सवाल पूछे। फिर रात में व्हाट्सएप कॉल की। स्वास्थ्यकर्मी ने उसे रिसीव नहीं किया। सुबह तक चार मिस्ड कॉल आईं। तब संबंधित नंबर ब्लॉक कर गर्भवती को इसकी जानकारी दी गई।
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इसके बाद कुछ दिन तक कॉल, मेसेज नहीं आए, फिर दूसरे नंबर से संदेश आने लगे। चिकित्साधिकारी को बताया तो उन्होंने नंबर ब्लॉक करते रहने का सुझाव दिया। स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार ऐसा कइयों से हो रहा है। वे अब तक कई नंबर ब्लॉक कर चुकी हैं। देहात की सीएचसी, पीएचसी पर तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मियों को भी इस दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

कार्रवाई के डर से व्यक्तिगत नंबर का कर रहीं इस्तेमाल
स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रसूताओं, गर्भवतियों और शिशुओं का हाल जानने व अन्य कार्यों के लिए महिला स्वास्थ्यकर्मी कॉल करती हैं। विभाग से कोई सीयूजी नंबर न मिलने से उन्हें व्यक्तिगत नंबर से कॉल करनी पड़ती है। इससे बचने के लिए कई महिला स्वास्थ्यकर्मी दो से तीन फोन नंबर रखने के लिए विवश हैं। डाटा अपडेट नहीं होने, काॅल नहीं करने या कॉल रिसीव नहीं करने पर स्वास्थ्यकर्मियों को कार्रवाई का डर भी सताता रहता है। अजीत प्रताप सिंह
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महिला स्वास्थ्यकर्मियों को कॉल कर अगर किसी मरीज का परिजन परेशान कर रहा है तो वे लिखित शिकायत करें। विधिक कार्रवाई कराई जाएगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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