होली का त्योहार नजदीक है, मगर गन्ना किसानों का भुगतान फंसा हुआ है। जिले की पांच चीनी मिलों पर किसानों का 110 करोड़ रुपया बकाया है। ऐसे में उनकी होली कैैसे मनेगी, यह चिंता सता रही है।
जिले में पांच शुगर मिलों से 1.04 लाख किसान जुड़े हैं। नियम है कि गन्ना डालने के 14 दिन बाद किसानों को उसका भुगतान कर दिया जाए लेकिन यह संभव नहीं हो रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सेमीखेड़ा चीनी मिल की है। इस मिल ने तीन जनवरी तक का भुगतान किया है। उस पर किसानों का 23.33 करोड़ रुपया बकाया है। नवाबगंज की ओसवाल चीनी मिल ने 11 दिसंबर तक का भुगतान किया है और इस पर किसानों का 45.16 करोड़ रुपया बकाया है। मीरगंज की डीएसएम शुगर मिल ने 31 जनवरी तक भुगतान किया है। उस पर 9.44 करोड़ बकाया है। बहेड़ी की केसर शुगर मिल ने 28 जनवरी तक भुगतान किया है। अब किसानों का 19.22 करोड़ रुपया बाकी है। फरीदपुर की द्वारिकेश मिल ने 30 जनवरी तक का भुगतान किया है। अभी इस पर 13.44 करोड़ रुपया बाकी है।