प्रस्तावित नई दरों पर आपत्तियाें के निस्तारण के बाद आखिरकार सोमवार देर शाम नगर निगम टैक्स दरों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसमें अधिकतम 50 पैसे और न्यूनतम 5 पैसे की कमी की गई है लेकिन सभी इलाकों में ऐसा नहीं किया गया है। जिन लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं उनकी आपत्तियों पर भी निस्तारण के नाम पर नाम मात्र का ही काम हुआ है। यह दरें 31 मार्च 2019 तक लागू रहेंगी।
- गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर से तुलना ठीक नहीं
नगर निगम ने उन आपत्तियों पर पर भी जवाब दिया है जिसमें बरेली टैक्स दरों की तुलना लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद से की गई है। अपर नगर आयुक्त द्वारा व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता के आपत्तियाें के निस्तारण पत्र में कहा गया है कि बड़े शहरों में संपत्ति कर वार्षिक मूल्यांकन का 31.5 फीसदी कर लिया जाता है जबकि नगर निगम द्वारा वार्षिक मूल्यांकन का मात्र 22 फीसदी टैक्स लेते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कर की दरें अलग- अलग होती है। बरेली में 10 फीसदी गृहकर, 9.5 फीसदी जलकर एवं 2.5 फीसदी सीवर कर होता है। जबकि लखनऊ, कानपुर नगर निगम में 15 फीसदी गृहकर, 12.5 फीसदी जलकर, 4 फीसदी सीवर कर है।
- टैक्स दरों को लेकर खूब उठा तूफान
वर्ष 2014 अप्रैल में नगर निगम ने टैक्सी की पुरानी दरें रिवाइज करके नई दरें लागू की थीं। इसमें करदाताओं के पुराने टैक्स बिलों में 10 से 25 गुना तक बढ़ोत्तरी हो गई। उस समय यह 3.50 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से थी। जिसे बोर्ड के विरोध के बाद भी लागू किया गया था। वर्ष 2015- 16 में नई दरें लाई गईं। इसमें 25 फीसदी की कमी की गई और दर 2.80 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से लागू की गई। इस समय इसी दर से वसूली हो रही है। इसी बीच टैक्स विरोधी संघर्ष समिति हाईकोर्ट चली गई। कोर्ट ने वर्तमान दरों को रद्द करके नई दरें बनाने को कहा। निगम ने वर्ष 2015 के पहले लागू दरों के हिसाब से टैक्स लेना शुरू कर दिया। विरोध हुआ तो नई दरें बनाई गईं।
- कुछ इस तरह घटी हैं दरें
प्रमुख इलाके कितना घटाया
बिहारीपुर सिविल लाइंस- 10 पैसे
रामपुरबाग- 50 पैसे
राधेश्याम इंक्लेव- 5 से 10 पैसे
रामवाटिका कालोनी- 5 से 10 पैसे
स्वालेनगर- 10 पैसे
सनैया धान सिंह- 80 पैसे
मॉडल टाउन- 0 पैसे
चकमहमूद- 10 से 40 पैसे
प्रतिक्रिया -
टैक्स को लेकर इतना विवाद रहा लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इससे आम आदमी को कोई फायदा नहीं होगा। आपत्तियाें पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है। - राजेश अग्रवाल, सपा पार्षद दल नेता
टैक्स पर मैंने दस बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जबकि निस्तारण पत्र में केवल एक पर ही मेरे प्रश्न का जवाब दिया गया है। नगर निगम ने आम लोगों के साथ धोखा किया है टैक्स दरों में कोई ज्यादा परिवर्तन नहीं है। अब व्यापारी इसको लेकर आंदोलन करेंगे।
राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री, व्यापार मंडल
टैक्स पर कोई निस्तारण नहीं किया गया है। मुख्य मार्गों पर सर्कि ल रेट के हिसाब से रेट तक किये गए हैं जबकि नियम के मुताबिक यह गलत है। टैक्स हमेशा न्यूनतम सर्किल रेट से तय होने चाहिए। इसको लेकर पूरी स्टडी की जाएगी। नगर निगम गलत कर रहा है।
सतीश रोहतगी, अध्यक्ष, टैक्स विरोधी संघर्ष समिति
नगर निगम में आई प्रस्तावित दराें पर आपत्तियाें और सुझावाें के आधार पर नई दरें लागू कर दी गई हैं जो 31 मार्च 2019 तक रहेगी। कोशिश की गई है कि सभी आपत्तियाें का निस्तारण हो।
शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
टैक्स की दरें लागू कर दी गई हैं लेकिन कितनी दरें बढ़ी व कम हुई इसकी जानकारी नहीं है। मैंने अधिकारियों से इसके बारे में पूछा था तो उन्होंने बताया कि सभी आपत्तियाें का जवाब दे दिया गया है। मुख्य मार्गों पर सर्किल रेट के हिसाब से रेट तय करने की बात भी मैंने उठाई थी। सबसे बड़ी समस्या व्यावसायिक कांपलेक्स पर बनी नियमावली पर है। लोगाें को आवासीय पर एतराज नहीं है बल्कि व्यावसायिक पर एतराज है। इसको बदलने की जरूरत है जिसको लेकर मैंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।
डॉ. आईएस तोमर, मेयर