बरेली। गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल में लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की मौत के बाद नेताओं-अफसरों के गठजोड़ का खेल सामने आया है। अस्पताल पर 30 सितंबर को झोलाछाप नियंत्रण सेल ने छापा मारा था। तब कोई अभिलेख नहीं मिला था। टीम ने जो नोटिस दिया, उसके मुताबिक तीन दिन बाद इसे सील किया जाना था। हालांकि, सत्तापक्ष से जुड़े एक जनप्रतिनिधि की कॉल आने के बाद कार्रवाई टाल दी गई।
30 सितंबर को झोलाछाप नियंत्रण सेल की नोडल अधिकारी डॉ. सुचिता गंगवार के नेतृत्व में टीम ने ब्रह्मदेव अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। टीम के मुताबिक, इस अस्पताल के बिना पंजीकरण संचालित होने सहित अन्य खामियों की शिकायतें मिल रही थीं। डॉ. सुचिता ने स्वीकार किया कि निरीक्षण के दौरान संचालक अस्पताल के पंजीकरण से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस पर डाॅ. सुचिता ने नोटिस जारी कर संचालक को तीन दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा था। शुरुआत में संचालक ने नोटिस लेने से इन्कार किया तो काफी हंगामा हुआ और पुलिस बुलानी पड़ी थी। संचालक ने कार्यालय में आकर डाॅ. सुचिता से संपर्क तो किया, लेकिन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। बावजूद इसके नियम ताक पर रख स्वास्थ्य विभाग की टीम हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। 18 दिन का समय बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सेल की प्रभारी बोलीं- नेताजी ने किया था मना
नोटिस के बाद भी अस्पतालों व झोलाछापों पर कार्रवाई नहीं होने पर आर्थिक सांठगांठ के आरोप लगते रहते हैं। हालांकि, अमर उजाला की ओर से सेल प्रभारी या टीम पर इस तरह का कोई आरोप नहीं लगाया जा रहा। इसकी वजह सेल की प्रभारी डॉ. सुचिता गंगवार का वह ऑडियो बयान भी है, जिसमें उन्होंने कार्रवाई न करने की मजबूरी जताई है। उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल के पास वास्तव में कोई दस्तावेज नहीं था। वह नियमानुसार कार्रवाई भी करतीं, लेकिन सत्तापक्ष के एक जनप्रतिनिधि ने उन पर कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। इसलिए वह खामोश हो गईं। हालांकि, उन्होंने सोमवार को अस्पताल पर कार्रवाई करने का दावा किया।
पर्चे पर मीरगंज का पता
रिंकू देवी के परिवार ने ये भी बताया कि गैनी के इस ब्रह्मदेव अस्पताल में जो पर्चे इस्तेमाल किए जा रहे हैं, वह मीरगंज स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल के हैं। नोडल अधिकारी ने बताया कि मीरगंज में इस नाम का वैध अस्पताल है या नहीं है। इसकी भी जांच कराई जाएगी। यदि है तो जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।