मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आठ मार्च को बरेली सहित प्रदेश के 12 जिलों की महिलाओं के लिए आशा ज्योति केंद्र के माध्यम से सुविधाओं की शुरुआत करेंगे। उप सचिव रवेंद्र श्रीवास्तव गुरुवार को एडी हेल्थ कार्यालय में पहुंचे और इस केंद्र पर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। यहां मिली खामियों को उन्होंने तत्काल दूर कराया। आठ मार्च को मुख्यमंत्री लखनऊ से इस केंद्र के उद्घाटन के साथ-साथ बरेली की दो महिला ग्राम प्रधानों को सराहनीय कार्यों के लिए रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार और एक-एक लाख रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित करेंगे।
ऐसा होगा आशा ज्योति केंद्र
आशा ज्योति केंद्र में चार कमरे होंगे। सभी कक्षों के बाहर सेल का नाम लिखा गया है। इन केंद्रों पर सुविधा प्रदान करने के लिए 181 महिला हैल्प लाइन नंबर रहेगा, जबकि चाइल्ड लाइन के लिए 1098 नंबर की व्यवस्था की गई है।
- महिला पुलिस रिपोर्टिंग चौकी (क्राइसिस इंटरवेंशन सेंटर-24 घंटे) में एसएसपी आरके भारद्वाज ने दो शिफ्टों में ड्यूटी के लिए दो महिला दरोगा और चार सिपाहियों की तैनाती कर दी है।
- आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं (24 घंटे)
- चाइल्ड एवं महिला हैल्प लाइन एवं महिला समाख्या (24 घंटे)
- बाल संरक्षण सेल, कौशल विकास एवं परामर्श केंद्र (सुबह दस से शाम छह बजे तक)
केंद्र की ये होगी जिम्मेदारी
विधवाओं के पुनर्विवाह, बाल विवाह पर रोक, दहेज उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने, महिला एवं बालिका पर होने वाली हिंसा रोकने, भूण हत्या पर रोक और महिलाओं को शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करना।
एसिड अटैक की पीड़िताओं को 10 लाख तक की राहत
एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को एक लाख से लेकर दस लाख रूपये तक की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। इसका लाभ उन महिलाओं को मिलेगा, जो एसिड अटैक से 10 फीसदी या उससे अधिक प्रभावित हैं लेकिन चेहरे पर एसिड अटैक से थोड़ा सा भी असर पड़ा है तो उनको भी आर्थिक मदद मिलेगी।
‘आठ मार्च से इस योजना की शुरुआत हो रही है। अब तक 11 महिलाओं को आर्थिक मदद प्रदान की गई है लेकिन एसिड अटैक से पीड़ित किसी भी महिला को लाभ नहीं मिला है। दो आवेदन आए हैं, जिनको पुलिस रिपोर्ट के लिए एसएसपी के पास भेजा गया है।’
- ऊषा तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी