मीरगंज। बृहस्पतिवार को 132 केवीए बिजली उपकेंद्र, बीथम नौगवां को 33 केवीए के मीरगंज ग्रामीण उपकेंद्र से जोड़ दिया गया। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्याओं से सुधार की उम्मीद जताई गई है।
इससे पूर्व मीरगंज ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सीबीगंज के परसाखेड़ा बिजली उपकेंद्र से की जाती थी। ग्रामीण इलाकों में गर्मियों के दौरान आए दिन लो-वोल्टेज और ओवरलोड की समस्याएं आम रहती थीं। 33 हजार वोल्ट की लाइन के तार बार-बार टूटने से लोगों को काफी परेशानी होती थी। नए उपकेंद्र के जुड़ने से इन समस्याओं का समाधान होगा और क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को सुचारू और बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
गांव बीथम नौगवां में 132 केवीए का उपकेंद्र 26.15 करोड़ रुपये की लागत से 2022 में बनकर तैयार किया गया था। इसका शिलान्यास दो साल पूर्व किया गया था। निर्माण कंपनी ने इसे ट्रांसमिशन विभाग को सौंप दिया था। अब यह पूरी तरह से चालू हो गया है। इससे बिलासपुर और शाही क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति पहले ही सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है। संवाद
पांच दिनों पूर्व दो गांव की काटी गई बिजली व्यवस्था हुई सुचारू
भंडसर। पांच दिनों पूर्व दो गांव की काटी गई बिजली व्यवस्था को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। मालूम हो कि पांच दिनों पूर्व क्षेत्र के गांव कुंवरपुर बंजरिया की बिजली उपभोक्ताओं के बिल जमा न होने पर लाइन मैन ने जेई के आदेश पर बिजली काट दी थी, तो गांव के प्रधान शाकिर अली, डॉ. माजिद अली, हसनैन नजीर आजाद आदि ने शिकायत एसडीओ से की। उन्होंने बताया कि 400 से अधिक उपभोक्ताओं पर विद्युत बिल बकाया है। लगातार कहने के बाद भी बिल जमा नहीं किया। एसडीओ अरुण कुमार ने लाइनमैन को आदेश देकर दोनों गांव की बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से ठीक करवा दी। साथ ही उन्होंने उपभोक्ताओं को शीघ्र ही बिल जमा करने की चेतावनी दी है। संवाद