रेस्टोरेंट कर्मचारी चंगेज को जेल भेजा, प्रेमनगर पुलिस अब हुक्का बार मालिक को भी बनाएगी आरोपी
बरेली। डीडीपुरम के रेस्टोरेंट में गुरुवार रात पकड़ा गया हुक्का बार अकेला नहीं, बल्कि कई अब भी चल रहे हैं। अभिभावकों के लिए मुसीबत बने इन हुक्का बार में से एक ग्रीन चिली रेस्टोरेंट में फिर बड़े घरों से ताल्लुक रखने वाले युवा और किशोर अवस्था के छात्र हुक्का गुड़गुड़ाते मिले। बर्थडे पार्टी के नाम पर वे यहां इकट्ठे हुए थे और स्टेट्स सिंबल के तौर पर हुक्का पार्टी आयोजित की थी। पुलिस ने बारह लोगों पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया, इसके बाद एक बार के एक कर्मचारी को जेल भेज दिया गया, जबकि छात्रों को जमानत दे दी गई। पुलिस अब दिल्ली में मौजूद रेस्टोरेंट मालिक को भी आरोपी बनाने के मूड में है।
देर रात पुलिस ने ग्रीन चिली रेस्टोरेंट में हुक्का पी रहे बारह लोगों को हिरासत में लिया था जबकि कई वेटर और कर्मचारी भाग निकले थे। मोहल्ला शाहबाद निवासी रेस्टोरेंट का मालिक मौके पर नहीं था, पिछले दिनों उसने दिल्ली के अस्पताल में किडनी का प्रत्यारोपण कराया और अभी अस्पताल में ही है। सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी से चलने वाला रेस्टोरेंट मालिक पहले से हुक्का पिलाता रहा है और तीन बार पुलिस इस रेस्टोरेंट में इस धंधे को पकड़ चुकी है। रेस्टोरेंट में जन्मदिन पार्टी की आड़ में युवाओं और नाबालिगों को हुक्का परोसा जाने लगा। अक्सर युवा सोशल साइट्स पर अपनी प्रोफाइल में हुक्का पीते हुए का फोटो लगाते हैं। लेकिन पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाती।
ग्रीन चिली रेस्टोरेंट का कर्मचारी मलूकपुर निवासी चंगेज अपने दोस्तों को यहां बुलाकर मुफ्त में हुक्का पिलाता था, ताकि वे अन्य ग्राहकों को यहां लाएं। इसलिए पकडे़ गए लोगों में जखीरा और मलूकपुर के लड़के भी शामिल हैं। ग्रीन चिली रेस्टोरेंट से दो सौ कदम की दूरी पर एक अन्य कैफे में भी पार्टी की आड़ में हुक्का परोसा जाता है। उसका मालिक पहले भी एक बार प्रेमनगर थाने में गिरफ्तार हुआ था लेकिन थाने से जमानत मिलने पर वह दोबारा कैफे में हुक्का पिलाने लगा। इस कैफे मालिक की शादीशुदा प्रेमिका उसके लिए कॉलेज के रईसजादों को ग्राहक बनाकर लाती है।
इसके अलावा एकतानगर चौराहा के पास एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भी पुलिस कई बार हुक्का बार चलते हुए पकड़ चुकी है। अब यह हुक्का बार दोबारा चालू हो चुका है और अक्सर लड़के लड़कियों को यहां देखा जाता है। श्यामगंज रोड के एक बार में हुक्का पीते हुए फोटो कुछ दिन पहले ही वायरल हुए थे लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकी। इसलिए छापा पड़ने के कुछ दिन बाद नशे का कारोबार दोबारा चालू हो जाता है। फिर यह धंधा अभिभावकों के लिए मुसीबत बन जाता है, क्योंकि इसके आदी बने युवाओं को इस नशे से मुक्ति दिलाना आसान नहीं है।
सूचना लीक होने से भागा प्रबंधक
नए इंस्पेक्टर अवनीश यादव ने हुक्का बार पर दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की मगर विभाग में विभीषण अब भी मौजूद हैं। इस कारण पुलिस के हुक्का बार में छापा मारने से पहले ही मालिकों और स्टाफ तक सूचना पहुंच जाती है और वे भाग निकलते हैं। गुरुवार को भी ग्रीन चिली में छापा पड़ने से पहले ही मैनेजर भाग निकला था। पुलिस विभाग के ही कुछ लोगों का कहना है कि थाने के चर्चित पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन की कॉलडिटेल जांच की जाए तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।