बरेली। हाईकोर्ट ने कैफे और रेस्तरां संचालकों की हुक्का बार चलाने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि रेस्टोरेंट, होटल, लाउंज या कैफे के ''''डेजिग्नेटेड स्मोकिंग एरिया'''' (धूम्रपान क्षेत्र) में भी हुक्का परोसना गैरकानूनी है। शहर के भी कई कैफे, रेस्टोरेंट, लाउंज के नाम पर हुक्का बार, स्पा की आड़ में अनैतिक व्यापार चल रहा है। एक साल से इसको लेकर कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। अब अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर सत्यापन और कार्रवाई की जाएगी।
शहर के पॉश इलाकों में चोरी-छिपे हुक्का बार संचालन का सबसे बड़ा भंडाफोड़ अप्रैल 2025 में हुआ था। पुलिस ने कैफे के आड़ में छह हुक्का बार पकड़े। मौके से तीन युवतियों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। सभी हुक्का बार सील कर दिए गए। उस दौरान सील किए गए कैफे अब दूसरे नामों से खुल गए हैं। कुछ ने ठिकाना भी बदल लिया है। कुछ स्थानों पर बेसमेंट में हुक्का परोसा जा रहा है।
डीडीपुरम में एकतानगर की ओर जाने वाली जिस रोड पर ये कैफे सील किए गए थे, वहां के लोगों ने बताया कि कभी-कभार पुलिस आती है, लेकिन लंबे समय से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इज्जतनगर क्षेत्र में फरवरी में एक स्पा सेंटर का वीडियो वायरल हुआ था। यहां स्पा की आड़ में अनैतिक व्यापार चल रहा था।
कमीशन पर रखी जाती हैं युवतियां
डीडीपुरम में कैफे की आड़ में हुक्का बार और अनैतिक व्यापार के मामले में एक सफेदपोश महिला का नाम भी सामने आया था। पुलिस जांच के दौरान यह भी पता लगा कि कैफे में युवतियों को कमीशन पर रखा जाता है। यही स्थिति स्पा की है। बारादरी, प्रेमनगर, इज्जतनगर इलाकों में अब तक हुक्का बार और स्पा की आड़ में अनैतिक व्यापार के सबसे ज्यादा मामले सामने आते रहे हैं।
वर्जन
हुक्का बार पर पाबंदी संबंधी हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के बाद कैफे, रेस्टोरेंट, लाउंज और स्पा सेंटरों का सत्यापन कर कार्रवाई की जाएगी। पिछले साल कई बड़ी कार्रवाइयां की गई थीं। इसके बाद इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। - मनुष पारीक, एसपी सिटी