युवक ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
नवाबगंज के शाहपुर निवासी पीड़ित युवक ने तीन अप्रैल को थाना बारादरी में तहरीर दी थी। उसने बताया था कि ममता दिवाकर ने अपने साथियों रीना उर्फ शीतल, माधुरी और सत्यवीर ने उसे जाल में फंसाया। ममता ने कॉल कर उसे रीना के कमरे पर बुलाया, जहां आरोपियों ने कोल्डड्रिंक में नशा देकर उसे बेहोश कर दिया और निर्वस्त्र कर रीना के साथ उसके अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। इसके बाद उसे ब्लैकमेल किया। न्यायालय के आदेश पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।
खाकी को भी बना चुके हैं शिकार
हनी ट्रैप गिरोहों के शिकंजे में कई पुलिस वाले भी फंस चुके हैं। यही नहीं पुलिस की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। परसाखेड़ा के एक उद्यमी को हनीट्रैप में फंसाकर किला चौकी इंचार्ज वसूली की कोशिश कर रहा था। एसएसपी के आदेश पर चौकी इंचार्ज और सिपाही समेत कथित पत्रकारों पर किला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
करगैना के एक रिटायर्ड दरोगा को फंसाकर हनी ट्रैप गिरोह ने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए रुपये ऐंठ लिए थे। मुरादाबाद के ट्रेनी दरोगा को भी जाल में फंसाकर पचास लाख रुपये मांगे गए थे। रुपये नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। दरोगा के पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।