नोडल अफसर के निर्देश का भी नहीं हो रहा अनुपालन
बरेली। बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन का विकल्प मिलने के बाद अफसर अपनी जिम्मेदारी और संक्रमित अस्पताल की कैद से मुक्त हो चुके हैं। मगर, दोनों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। अफसर नियमों को दरकिनार कर होम आइसोलेशन की अनुमति दे रहे हैं और संक्रमित घर पर रहने के बजाय खूब घूम-फिर रहे हैं। इसे लेकर कंट्रोल रूम पर लगातार शिकायतें भी पहुंच रही हैं।
दो दिन पहले नोडल अफसर नवनीत सहगल ने फरीदपुर नगर का औचक निरीक्षण किया था। वहां कुछ संक्रमितों के पड़ोसियों ने उनके होम आइसोलेशन की गाइडलाइन का पालन न करने की शिकायत की थी। नोडल अफसर ने होम आइसोलेशन न करने वाले संक्रमितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। निगरानी समितियों को ऐसे लोगों पर निगाह रखने को भी कहा था। मगर, नोडल अफसर के निर्देशों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। फरीदपुर ही नहीं शहर के पॉश इलाकों समेत तमाम गांवों में भी होम आइसोलेट हुए संक्रमितों का यही हाल है। संक्रमित और उनके परिवार वाले घर के बाहर निकलकर लोगों से मिलजुल रहे हैं।
बगैर निरीक्षण के ही दी जा रही अनुमति
नियमानुसार होम आइसोलेश की अनुमति देने से पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित के घर पर वांछित सुविधाओं का आकलन करना अनिवार्य है। घर में अलग कमरे के साथ अटैच बाथरूम, ऑक्सीजन का स्तर और शरीर का तापमान मापने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर, अलग बर्तन, कपड़े, ब्रश, मंचन, तौलिया आदि उपलब्ध है या नहीं, इसका पता करना चाहिए। होम आइसोलेशन के बाबत परिजन और संक्रमित को जागरूक करना जरूरी है।
लक्षण वाले भी हो रहे हैं होम आइसोलेट
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल जिले में साढ़े पांच सौ से ज्यादा संक्रमित होम आइसोलेशन की अनुमति ले चुके हैं। हालांकि, इसमें कौन लक्षण वाले हैं और किसमें लक्षण नहीं हैं, इसकी जानकारी लिए बगैर ही लोगों को आइसोलेट कर दिया गया है। इससे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शहर के प्रमुख चिकित्सकों का कहना है कि अगर लक्षण वाले संक्रमित आइसोलेट होंगे तो उनके परिजनों के संक्रमित होने की भी पूरी आशंका है। ऐसे में उनके घर से बाहर निकलने पर संक्रमण का फैलाव होगा और यह स्थिति भयावह होने की आशंका है।
यह अनदेखी पड़ सकती है बहुत भारी
आमतौर पर संक्रमित मिलने के बाद घर को सैनिटाइज कराया जाता है, मगर होम आइसोलेशन के दौरान घर को सैनिटाइज नहीं कराया जा रहा। संक्रमित के परिजन को क्वारंटीन रहना चाहिए मगर हैरत यह कि परिजन होम आइसोलेशन की अनुमति के लिए सीएमओ कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। बाजारों में भी घूम रहे हैं। लिहाजा, संक्रमण के फैलाव का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
फोन पर बता दिया- रहेंगे होम आइसोलेट
तीन दिन पहले पीलीभीत बाईपास और कर्मचारी नगर में संक्रमित मिले लोगों को कोविड अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की ओर से कॉल की गई। इनमें से कुछ ने होम आइसोलेट होने की बात कही तो बगैर अनुमति पत्र देखे ही उन्हें घर पर रहने की अनुमति दे दी गई। जो विभाग की मुस्तैदी पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
होम आइसोलेशन देने से पहले भरवाए जा रहे फार्म पर सभी नियम लिखे हैं। अगर उनका पालन नहीं किया जा रहा है तो संक्रमित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कंट्रोल रूम पर जो भी शिकायतें मिल रही हैं उसका निस्तारण कराया जा रहा है। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ