नवाबगंज। एसडीएम की फटकार से आहत होकर कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश में एक अस्पताल में भर्ती कराए गए होमगार्ड की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। सोमवार को बीओ अरुनेश कुमार ने उनके बयान दर्ज किए हैं।
रविवार की शाम इनायतपुर गांव के होमगार्ड बीर बहादुर 14 मई को अपने साथी होमगार्ड रामपाल के साथ तहसील में ड्यूटी कर रहे थे। इसी बीच थाने पर तैनात चौकीदार बीरेंद्रपाल के साथ बाइक खड़ी करने को लेकर विवाद हो गया। इससे नाराज दोनों होमगार्डो ने चौकीदार को जमीन पर गिराकर पीट दिया। रिपोर्ट दर्ज होने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया। बाद में दोनों होमगार्ड ने हाईकोर्ट की शरण ली। इसमें एक सप्ताह पहले हाईकोर्ट ने दोनों को बहाल करते हुए ड्यूटी ज्वान करने के आदेश दिए थे।
इसमें रामपाल को कोतवाली और बीर बहादुर को एसडीएम आवास पर ड्यूटी पर तैनात करने के आदेश जिला कमांडेट ने दिए थे। रविवार को बीर बहादुर एसडीएम आवास पर ड्यूटी करने पहुंचे तो एसडीएम अजय उपाध्याय ने फोन पर डांट लगाते हुए भगा दिया, जिसके बाद होमगार्ड ने यह कदम उठा लिया। होमगार्ड की पत्नी विमलेश ने जिला कमांडेंट से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। संवाद
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अब होमगार्ड की हालत में सुधार है। एसडीएम ने संबंधित की ड्यूटी हटाने को फोन से कहा था, लेकिन ड्यूटी ऑनलाइन लगती है। होमगार्ड को भी ऐसा नहीं करना चाहिए था। यदि उन्हें कोई परेशानी थी तो अधिकारियों को अवगत कराते तो उसका समाधान किया जाता।
-अरुनेश कुमार, बीओ नवाबगंज