भमोरा। होमगार्ड के प्लाटून कमांडर की गुरुवार सुबह यहां थाने में नीम के पेड़ से लाश लटकी मिली। सुबह एसओ के नौकर ने अंगोछा के सहारे उसकी लाश लटकी देखी तो थाने में हड़कंप मच गया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया हैै।
गांव कटका भरत निवासी पचपन वर्षीय रामचंद्र भमोरा थाने में होमगार्ड के प्लाटून कमांडर पद पर तैनात थे। बुधवार शाम चार बजे वह अपने घर से थाने में ड्यूटी के लिए आए थे। गुरुवार सुबह तड़के एसओ का नौकर गुड्डू उठा तो उसने अंगोछा के सहारे नीम के पेड़ से रामचंद्र की लाश लटकी देखी। पुलिस को घटना का पता चला तो थाने में हड़कंप मच गया। तुरंत ही लाश को नीचे उतारकर सील कर दिया गया। सूचना पर रामचंद्र के घर वाले भी मौके पर पहुंच गए। रामचंद्र के भाई ऋषिपाल ने बताया कि उसे थाने से फोन पर यह खबर दी गई कि उसका भाई रामचंद्र दातुन तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा था तभी पैर फिसलने से नीचे गिरने लगा तो गले में पड़ा अंगोछा डाल में उलझ गया, इससे उसकी मौत हो गई।
इधर, पुलिस का कहना है कि रामचंद्र के खिलाफ 27 अक्तूबर को उसकी चचेरी साली ने घर में घुसकर छेड़छाड़ और मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से भी वह बेहद तनाव में था। इसी के चलते बुधवार रात किसी समय रामचंद्र ने थाने में नीम के पेड़ से अपने अंगोछा का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। रामचंद्र के परिवार में पत्नी सुखदेवी के अलावा तीन बेटे और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। एसओ भमोरा राकेश यादव ने बताया कि होमगार्ड के प्लाटून कमांडर की मौत की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह साफ हो सकेगी।