बरते सावधानी, करें उपाय
होलाष्टक के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। धार्मिक कार्यों में मन लगाना चाहिए। व्रत-उपवास और धर्मकर्म के कार्य करें। सामर्थ के अनुसार दान करें। स्वच्छता और खान-पान का उचित ध्यान रखना भी आवश्यक है। ईश्वर भक्ति के साथ ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। तीर्थों में स्नान-दान का भी विशेष महत्व है। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय.. मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।
अगर कोई शिव जी का भक्त है तो शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाएं और ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाम करें। हनुमान जी के भक्त हैं तो हनुमान मंदिर में दीपक जला कर हनुमान चालीसा का पाठ करें। इन दिनों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की भी विशेष पूजा करनी चाहिए। होलाष्टक में मन को शांत और सकारात्मक रखने के लिए ध्यान करें।