बरेली में बृहस्पतिवार को ऐतिहासिक राम बरात निकली तो पूरे शहर में होला का उल्लास छा गया। सुबह करीब 10 बजे बमनपुरी स्थित नृसिंह मंदिर में पूजा-पाठ के बाद राम बरात का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रभु श्रीराम, सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी के स्वरूप 164 साल पुराने लकड़ी के रथ पर सवार हुए। इस रथ को भव्य रूप से सजाया गया। नृसिंह मंदिर से जैसे राम बरात का मुख्य रथ निकला तो शहरवासी बराती बनकर झूम उठे। रंग-गुलाल के साथ पुष्प वर्षा होने लगी।
राम बरात में शामिल शहरवासी
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राम बरात में शामिल हुरियारों ने महाकुंभ के जल में रंग मिलाकर शहरवासियों को सराबोर कर दिया। होली की मस्ती में झूमते हुरियारों की टोली जिधर से गुजरी, उधर सड़कों पर रंगों की छाप पड़ती रही। बता दें कि बरेली में होली के अवसर पर रामलीला का आयोजन होता है। यह अनूठी परंपरा 164 वर्ष पुरानी है। इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है। राम बरात शहर के कई इलाकों से गुजरती है। जगह-जगह रामबरात का पुष्पवर्षा से स्वागत किया जाता है।
राम बरात में शामिल शहर के लोग
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धर्मस्थलों को ढका, ड्रोन से निगरानी
राम बरात में अभूतपूर्व सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए पुलिस -प्रशासन के अधिकारियों की सेक्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही 315 पुलिसकर्मी यात्रा के साथ व छतों पर तैनात किए गए हैं। ड्रोन से भी निगरानी की जा जा रही है। रास्ते में पड़ने वाले दूसरे समुदाय के धर्मस्थलों को ढकवा दिया गया है। संवेदनशील स्थलों पर पुलिस अधिकारी ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं। एसएसपी ने रामबरात को सकुशल निकलवाने की जिम्मेदारी एसपी सिटी मानुष पारीक को दी है।
अफसरों ने किया रूट मार्च
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एक कंपनी पीएसी तैनात
रामबरात में लगी फोर्स का नेतृत्व चार सीओ को सौंपा गया है। इसके साथ ही चार थाना प्रभारी, 12 इंस्पेक्टर, 59 दरोगा, 131 आरक्षी, मुख्य आरक्षी, 24 महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। छह क्यूआरटी (क्विक रेस्पांस फोर्स) का गठन किया गया है। इसमें 50 पुलिसकर्मी शामिल हैं। रामबरात की सुरक्षा में एक कंपनी पीएसी भी लगाई गई है। खुफिया टीम भी सादे कपड़ों में तैनात की गई है।