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हिंदुओं ने ताजियों के जुलूस को रास्ता बना दिया

Sun, 09 Oct 2016 01:47 AM IST
बरेली, ब्यूरो
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tajia
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मामूली सी बात पर धर्म के नाम पर आपस में लड़ने वालों को सिंधौली गांव के हिंदू समुदाय के लोगों से सबक लेना चाहिए। मोहर्रम पर ताजियों का जुलूस निकालने के लिए कई हिंदू परिवार के युवाओं ने मिट्टी डालकर रास्ता बना दिया। मनकरा गांव के प्रधान ने भी धर्म से ऊपर उठकर ताजिया निकाले जाने वाले रास्ते को दुरस्त कराकर अपना फर्ज निभाया।  
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 मीरगंज के सिरलापुर की करबला में सैंजना, गौटिया, गुलड़िया, जौनेर, दियोरिया, हल्दीखुर्द, नरखेड़ा, परचेई, सुखली, नरेली, सैंजना, नरखेड़ा, दलपतपुर, सुजातपुर, पैगा नगरी आदि 84 के 46 ताजियों का मेला लगता है। एसडीएम मीरगंज अर्चना द्विवेदी, सीओ गिरीश चंद्र और एसओ मीरगंज सतेंद्र ने दस दिन पहले पीस कमेटी की बैठक में हिंदू समाज के लोगों से ताजियों का रास्ता सही कराने के लिए आगे आने की अपील की। सिंधौली गांव के रामौतार, हेमेंद्र, उमाशंकर, वीरेंद्र मौर्य, कोमिल प्रसाद और अतुल गुप्ता ने रास्ता सही कराने को श्रमदान करने का एलान कर दिया। हिंदू समाज के इन सभी लोगों ने गांव अबरार, मंजूर, शाहिद और होशियार अहमद के साथ मिलकर ताजियों के निकलने का रास्ता मिट्टी डालकर सही करना शुरू कर दिया है। इस गांव की मुस्लिम प्रधान रेशमा बी पति के पति का यह सभी लोग पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। सिंधौली गांव में देव स्थान के पास पीपल के पेड़ की छंटाई करने का भी कोई विरोध नहीं कर रहा है। मनकरा गांव के प्रधान ओमप्रकाश के अलावा प्रेमशंकर और रामस्वरुप ताजिया निकलने का रास्ते पर मिट्टी डालकर समतल करने में जुटे हैं। यहां तालाब में पानी अधिक होने की वजह से परम्परागत रास्ता खत्म हो चुका था इसलिए तालाब का पानी निकालकर दूसरे तालाब में किया जा रहा है। 

कोट
मीरगंज के गांव में हिंदू समुदाय के लोगों ने आगे आकर ताजियों के रास्ते सही कराने की जिम्मेदारी लेकर आपसी भाईचारे का पैगाम दिया है। पुलिस-प्रशासन को सहयोग करते हुए इसी तरह से त्योहारों को मनाया चाहिए।
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-यमुना प्रसाद, एसपी देहात 
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