फतेहगंज पश्चिमी। स्मैक तस्कर कल्लू डॉन के गुर्गाें की तलाश में हिमाचल प्रदेश की टीम ने शुक्रवार रात फतेहगंज पश्चिमी में छापा मारा। चर्चा है कि दबिश से पहले फतेहगंज पश्चिमी थाने में तैनात एक सिपाही ने गुर्गों तक सूचना पहुंचा दी। इससे वह फरार हो गया। सीसीटीवी कैमरे में उसके भागने की फुटेज देखकर पुलिस परिजनों को साथ ले गई है। मुखबिरी करने वाला सिपाही चार साल से इसी थाने में तैनात है।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के थाना पूर्ववाला के प्रभारी निरीक्षक राजेश पाल की अगुवाई में टीम ने साढ़े तीन किलो स्मैक के साथ जिला रामपुर के शराफत हुसैन को गिरफ्तार किया था। शराफत ने स्मैक की खेप कस्बा फतेहगंज के मोहल्ला सराय निवासी आरिफ और उसके भाई भूरा कुरैशी की बताई थी। शराफत की निशानदेही पर हिमाचल प्रदेश पुलिस टीम शुक्रवार आधी रात के बाद फतेहगंज पश्चिमी पहुंची। दबिश की भनक लगने से स्मैक तस्कर आरिफ फरार हो गया।
टीम के पूछने पर परिजनों ने उसके काफी दिन से बाहर होने की बात बताई। टीम ने घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक किया तो कुछ देर पहले ही उसके भागने की फुटेज मिली। पुलिस ने डीवीआर कब्जे में ले ली है। पुलिस उसके पिता और एक महिला समेत कई लोगो को साथ ले गई। आरिफ व भूरा कुरैशी कल्लू डॉन के गुर्गा बताए जा रहे हैं। ये पहले भी स्मैक तस्करी में जेल जा चुके हैं। इनका भाई आसिफ जेल में है। उसने गांव कुरतरा में भी एक जनप्रतिनिधि की मदद से स्मैक का नेटवर्क फैला रखा है।