बरेली। टूटते-दरकते लखनऊ हाईवे पर एक्सीडेंट में आए दिन हो रही मौतों का मामला संसद में गूंजने के बाद एनएचएआई मुख्यालय ने पीडी को दिल्ली बुलाकर प्रकरण की रिपोर्ट ली है। पीडी ने अधिकारियों से अधूरे काम पूरे करने के लिए 8.5 अरब रुपये का बजट मांगा है। यहां बता दें कि हेडक्वार्टर से इसका सीधा संज्ञान लिए जाने के बाद हाईवे की मरम्मत और बाकी कामों के शीघ्र शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
लखनऊ हाईवे की स्थिति काफी खराब होती जा रही है। फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी के पास इस हाईवे पर जगह-जगह खतरनाक खड्ड हो गए हैं। ड्राइवर की जरा की चूक से बड़े हादसे हो रहे हैं। तीन माह के दौरान ही उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे, आयकर अधिकारी सहित दर्जनभर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पिछले माह सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने हाईवे को लेकर पूरा मामला संसद में उठाया था। इससे पहले सांसद संतोष गंगवार और कमिश्नर रणवीर प्रसाद भी एनएचएआई के चेयरमैन को चिट्ठी भेज चुके हैं। इसके बाद एनएचएआई मुख्यालय ने बुधवार को परियोजना अधिकारी एनपी सिंह को इसकी रिपोर्ट के साथ दिल्ली बुलाया था। पीडी ने हेडक्वार्टर के अधिकारियों को यह जानकारी दी कि हाईवे की मरम्मत के लिए 46 करोड़ रुपये के तत्काल बजट की आवश्यकता है, जबकि अधूरे फ्लाईओवर, ओवरब्रिज सहित दूसरे कामों के लिए 830 करोड़ के टेंडर होने हैं। हुलास नगरा रेलवे क्रॉसिंग पर करीब एक हजार मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की तैयारी चल रही है।
एनएचएआई मुख्यालय ने दिल्ली में मीटिंग बुलाई थी। मैंने लखनऊ हाईवे की पूरी स्थिति और बजट की डिमांड आदि के बारे में पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। मैंने अधूरे कामों को जल्द शुरू करने को कहा है।
-एनपी सिंह, पीडी, एनएचएआई