बरेली। बरेली से सितारगंज तक हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए प्रशासन को 260 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की जरूरत होगी। इस हाईवे के लिए सबसे ज्यादा भूमि अमरिया क्षेत्र के 19 गांवों में चाहिए। इसके अलावा नवाबगंज, बरेली सदर के साथ ही पीलीभीत सदर के गांवों में भी जमीन का अधिग्रहण होगा। एनएचएआई के इस संबंध में रिकार्ड देने के बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी की तरफ से अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पीलीभीत होते हुए करीब 80 किलोमीटर इस हाईवे को फोरलेन किया जाना है। इसके लिए एनएचएआई को बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण करना है। एनएचएआई ने हाल में इस संबंध में रिकार्ड जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं। इसके तहत बरेली सदर में मुड़िया अहमदनगर, आसपुर खूबचंद, बैरकपुर, कालपुर व रिठौरा में 28.9200 हेक्टेयर और पीलीभीत सदर के जतीपुर, मगरासा, हरचुइयायय, खेड़ा, खरूआ मुस्तकिल, बालपुर पट्टी, सियाबरी, ललौरीखेड़ा, लालपुर, मानपुर, तगीरपुर छितौनिया व पुरैना में 33.9215 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जबकि नवाबगंज के बुलंदनगर उर्फ लभेरा, खाईखेड़ा, उदरापुर, सिथरा, हाफिजगंज, सूडियावा, लोडपुर उस्मानपुर, फजुल्लाहपुर, ग्रेम, बहोरे नगला, बथुआ, ईधजागीर, गरगगईया, धौरेरा, इनायतपुर में 85.7052 हेक्टेयर, पीलीभीत के अमरिया के गांव बरातबोझ, निसरा, सहगवना नगरियाय, बिसेम, सरदारनगर, मौनी, मधुपुर, धुंधेरी, किछुतांदु, अमरिया, लाहौरगंज, डलिया इलाही बक्श, बिलहारा माफी, मुंडलिया गौसु, बलिया, हेतमदांडी, डबका, बैदगुरा व भैसहा में 111.338 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है।
मुआवजा घोटाले को लेकर इस बार खास सतर्कता
वर्ष 2012-13 में बरेली-सितारगंज रोड को सात से दस मीटर चौड़ा करने के लिए तत्कालीन एनएचएआई और प्रशासन के अफसरों ने जमीन अधिग्रहण घोटाले को अंजाम दिया था। बताते हैं कि कई अफसरों ने कृषि जमीन को व्यावसायिक दिखाकर मनमाने तरीके से मुआवजा राशि बांट दी थी। जब यह मामला शासन में पहुंचा तो कई अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई। पूर्व में तैनात कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
सितारगंज हाईवे को चौड़ा करने के लिए भूमि अधिग्रहण शीघ्र होगा। इसके लिए होमवर्क किया जा रहा है। पहले चरण की तैयारी लगभग पूरी हैं।
- मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी