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अंधेरगर्दी खत्म, अब जगमगाएगा बड़ा बाईपास

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बरेली। कमिश्नर की डांट के बाद बड़ा बाईपास पर हाईमास्ट लाइटें जलाने के मामले में एनएचएआई अफसरों की अंधेरगर्दी छंट गई है। एनएचएआई की ओर से पॉवर कारपोरेशन में कनेक्शन फीस जमा कर दी गई है। इसके बाद बड़ा बाईपास के रात को रोशन रहने का रास्ता भी साफ हो गया है।
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दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बड़ा बाईपास पर हादसों में कई मौत होने के बाद रजऊ परसपुर, परसाखेड़ा समेत तीन एक्सीडेंट जोन चिह्नित किए गए थे। इन तीनों स्थानों को रात में रोशन रखने के लिए हाईमास्ट लाइटें तो लगवा दी गईं लेकिन दो साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया। लिहाजा हाईमास्ट लाइटें बेकार पड़ी थीं। यह मामला कमिश्नर रणवीर प्रसाद की जानकारी में आया तो उन्होंने एनएचएआई मुरादाबाद के अधिकारियों का जवाबतलब किया। पता चला कि एनएचएआई ने पॉवर कारपोरेशन में बिजली कनेक्शन के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपये का शुल्क ही जमा नहीं किया। कमिश्नर ने एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी तो बिजली की लाइन बिछाने के लिए खुदाई शुरू की गई। अब एनएचएआई ने कनेक्शन फीस का चेक भी जमा कर दिया है। आरटीओ जयशंकर तिवारी ने बताया कि कनेक्शन फीस जमा हो गई है। जल्द ही हाईमास्ट लाइटें जलना शुरू हो जाएंगी।
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