दियोरिया इलाके के मोहम्मदपुर गांव में शनिवार रात बरात चढ़ने के दौरान बग्घी की छतरी नीचे लटक रही हाईटेंशन लाइन के तारों से छू गई। उस वक्त चूंकि बूंदाबांदी भी हो रही थी, सो बग्घी के साथ ही बरात की लाइट में भी हाईटेंशन लाइन का करंट दौड़ने लगा। इसकी चपेट में आकर लाइट उठाने वाले और बैंड-बाजा के 14 लोग झुलस गए। करंट लगने से बग्घी का एक घोड़ा मर गया। दूल्हे ने किसी तरह बग्घी से कूदकर जान बचाई। इस हादसे से पूरे गांव में अफरातफरी मच गई।
मोहम्मदपुर में शनिवार को देवनारायण पाल की बेटी की बरात बीसलपुर क्षेत्र के गांव भदारी से आई थी। रात करीब 9.30 बजे बरात चढ़ना शुरू हुई। बरात में बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां शुमाली निवासी मुमताज का बैंड और लाइट थी। बग्घी कस्बा बरखेड़ा निवासी फरियाद की थी। बरात जब गांव के पश्चिम में पाकड़ के पेड़ के पास पहुंची तो पत्तों के बीच होकर गुजर रही हाईटेंशन लाइन के नीचे लटकते तार बग्घी की छतरी से छू गए। उस समय लाइन में करंट दौड़ रहा था। हल्की बारिश भी हो रही थी। बग्घी की छतरी में करंट आने से घोड़ा तड़पकर गिर गया और उसने दम तोड़ दिया।
खतरा भांपकर बग्घी पर सवार दूल्हा जितेंद्रपाल नीचे कूद गया, जिससे वह बाल-बाल बच गया। बग्घी के पास चल रहे बैंड-बाजा वाले बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां शुमाली निवासी गंठा, मोहल्ला खेड़ा निवासी बब्बन, बीसलपुर के ही मोहल्ला दुर्गाप्रसाद लाइट वाले धर्मेंद्र, सुमित, शिवकुमार, अरविंद, ब्रजेश, विशाल, देवेंद्र, रजनीश, कुनाल, अंकित और शंकर आदि करंट लगने से झुलस गए। गांव मोहम्मदपुर का नन्हेलाल भारती भी झुलस गया। लोगों ने फोन करके बिजली सप्लाई बंद कराई। फिर घायलों को सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर नन्हेलाल, कुनाल, अंकित, सुमित, धर्मेंद्र और शिवकुमार को उनके घरवाले पीलीभीत ले गए। जहां अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के बाद बरात नहीं चढ़ी। शादी की अन्य रस्में काफी देर बाद पूरी की गईं।