स्थान: बीएसए दफ्तर
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मौजूदा समय में अधिकतर लिपिक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से यहां अटैच हैं। सभी अपने- अपने कार्यों में व्यस्त हैं। शिक्षकाें का आना जाना भी इनके पटल पर लगा हुआ है। लिपिकाें के यहां तैनात होने से खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयाें पर एक भी बाबू नहीं है। रामनगर, मझगवां, आलमपुर जाफराबाद, शेरगढ़ व अन्य कई ब्लाकाें में शिक्षक बाबू का काम कर रहे हैं। यह भी लिखा पढ़ी में नहीं है तो कोई साक्ष्य नहीं मिलते। ये शिक्षक समय निकालकर बीईओ कार्यालय में लिपिकीय कार्य करते हैं। पिछले दिनों खंड शिक्षा अधिकारी महानगर से एक अन्य बाबू को भी बीएसए दफ्तर में तैनाती मिल गई है।
समय: 1:30 बजे
स्थान- बीईओ महानगर
नगर निगम परिसर में बने इस कार्यालय की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। दीवाराें पर दरारें हैं और सीलन अधिक है। यहां तीन से चार लिपिक कार्यरत हैं। सभी अपने कार्य में लगे हैं, जबकि कुछ बाताें में मशगूल दिखे। 10 से अधिक चतुर्थ श्रेणी कर्मी यहां तैनात हैं। इन कर्मियों का कार्य कुछ नहीं है, वे केवल यहां बैठे रहते हैं। जबकि अधिक छात्र संख्या वाले जूनियर विद्यालयाें में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की जरूरत है। वहां इनकी तैनाती ही नहीं होती है। इस मामले को कई बार शिक्षक संघ के नेताआें ने भी उठाया है। लेकिन कु छ नहीं हुआ।
दोपहर तीन बजे
स्थान सदर तहसील
तहसील परिसर के गेट पर दाईं ओर मुंशी के एक बिस्तर पर जन सुविधा केंद्र खुला है । यहां पर जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र बनवाने की बुकिंग की जा रही थी। कुछ प्रमाणपत्र बने हुए रखे हैं, जो कि लोगों को दिए जा रहे थे। नियम है कि इन प्रमाणपत्रों को निर्धारित धनराशि लेकर जन सुविधा केंद्र प्रभारी बुक करते हैं लेकिन यहां तो सदर तहसील में जनसुविधा केंद्रों ने तहसील परिसर के बाहर एजेंट बैठा दिए हैं जो कि दिन में बुक करते हैं और रात में उनको आन लाइन फीड करा दिया जाता है। गेट के बाई ओर लेखपालों के कारिंदे बाहरी व्यक्ति बैठे हैं जो कि लेखपाल की ओर से लोगों के प्रमाणपत्रों की जांच करके रिपोर्ट लगा देते हैं।
दोपहर साढ़े तीन
स्थान सदर तहसील परिसर के अंदर
गेट के एक किनारे पर लेखपाल का झोपड़ी के अंदर आफिस बना हुआ है। जिसमें लैपटॉप के साथ बाहरी व्यक्ति काम कर रहा है। झोपड़ी में सामने बैठे लेखपाल के हाथ में चोट लगने के कारण प्लास्टर भी चढ़ा हुआ है। लेखपाल कक्ष के अंदर मंगलवार को बाहरी व्यक्ति काम करते हुए दिखे। जबकि डीएम के खौफ से दो दिन पहले तक तहसील परिसर से बाहरी व्यक्ति नदारद थे।