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निजी डॉक्टरों की आज हड़ताल, नहीं करेंगे इलाज

Fri, 08 May 2015 01:07 AM IST
बरेली
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मरीजों पर शुक्रवार का दिन बहुत भारी गुजर सकता है। प्रदेशभर के निजी चिकित्सक अपने ऊपर हो रहे हमलों के खिलाफ हड़ताल पर रहेंगे। न तो नर्सिंग होम के ताले खुलेंगे और न ही क्लीनिकों पर इलाज हो सकेगा। इसी कड़ी में जिले के 6700 डाक्टरों ने काम न करने का फैसला किया है। नसिंग होम में जो मरीज पहले से भर्ती होंगे उनको जरूर देखा जाएगा। इस हड़ताल को लेकर दिनभर डाक्टरों की मीटिंग चलती रही।
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आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. रवि खन्ना ने कहा कि इलाहाबाद में चिकित्सक रोहित गुप्ता पर हमला हुआ और दोषी अभी तक बाहर घूम रहे हैं। इसी तरह के कई अन्य मामलों में पुलिस की कार्रवाई नहीं हो रही। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू होने के बाद भी उसका कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। इस हड़ताल में डेंटल चिकित्सक, रूहेलखंड मेडिकल कालेज और राजश्री कालेज भी शामिल है। एसआरएमएस मेडिकल कालेज हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा।

क्या करेंगे डॉक्टर
- निकालेंगे रैली, देंगे धरना
सुबह साढ़े नौ बजे आईएमए परिसर में सभी चिकित्सक इकट्ठा हाेंगे। यहां से डीएम कार्यालय तक मार्च निकाला जाएगा। डीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उनको ज्ञापन भी सौंपेंगे।
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- स्क्वाड रखेगा नजर, किसने खोली क्लीनिक
डॉ. रवि खन्ना ने बताया कि शहर में जो चिकित्सक आईएमए से नहीं जुड़ा है उसे भी स्क्वाड दल जाकर समझाएगा। इस काम के लिए पांच दल बनाए गए हैं। साथ ही आईएमए से जुड़े चिकित्सक अगर क्लीनिक खोलते हैं या फिर हड़ताल में शामिल नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ भी एसोसिएशन कार्रवाई करेगी।
- डॉक्टराें को करेंगे बदनाम
आईएमए से जुड़े होने के बावजूद अगर किसी भी चिकित्सक ने क्लीनिक खोली तो उनकी फोटो वॉल ऑफ डिफे म में लगाई जाएगी। यह सभी प्रकार के आईएमए कार्यक्रम में लगाकर बताया जाएगा कि इन्हाेंने साथ नहीं दिया। साथ ही आईएमए भी उनकी दिक्कत में आगे नहीं आएगा।  
जिला अस्पताल में हड़ताल को लेकर अलर्ट
बरेली। प्राइवेट डॉक्टराें की हड़ताल से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ेगी। गुरुवार को इस संबंध में एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। डॉक्टराें को हड़ताल को देखते हुए और अधिक मुस्तैद रहने को कहा गया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा ने बताया कि किसी भी चिकित्सक को आज के लिए छुट्टी नहीं दी गई है। अस्पताल में 325 बेड हैं जिनमें करीब 250 बेड अभी भरे हुए हैं।
- बढ़ सकता है अस्पताल पर दबाव
आईएमए के आंकलन के अनुसार रोजाना 16 से 20 हजार मरीज प्राइवेट डॉक्टराें की ओपीडी में आते हैं। वहीं जिला अस्पताल ओपीडी में करीब पांच हजार नए और पुराने मरीज आते हैं। ऐसे में चिकित्सकाें के लिए प्राइवेट मरीजों की आधे से भी आधी संख्या संभाल पाना मुश्किल होगा। ओपीडी में मौजूदा समय में चार फीजिशियन व छह अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। इनकी रोजाना की ओपीडी 150 से 200 मरीजों की है।

वर्जन--

‘हड़ताल को देखते हुए सभी सीएचसी, पीएचसी, तीनाें मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में एलर्ट जारी किया गया है। सभी 90 चिकित्सकाें की छुट्टी रद्द कर दी गई है। डॉक्टर हड़ताल के दौरान स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहेंगे।’
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डॉ. विजय यादव, सीएमओ
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