प्रशासन के छापे में बुधवार को अल्ट्रासाउंड सेंटरों की पोल खुल गई। बिना डिग्री के अल्ट्रासाउंड केंद्र चलते मिले। एक जगह तो बीएएमएस डिग्रीधारक महिला एलोेपैथिक दवा बेचती मिली। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
एसडीएम आर्यका अखौरी और सीओ धर्मवीर सिंह मार्छाल ने तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर चेक किए। हर्ष अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बीएएमएस दीपा अग्रवाल के एलोपैथिक दवा बांटने और बिना डिग्री के अल्ट्रासाउंड करने पर नाराजगी जताई। विश्वनाथ अस्पताल और पुरैना ढाल पर डॉ. जौहरी की क्लीनिक पर भी कागज चेक किए गए।
बहेड़ी में कुछ नहीं मिला
बहेड़ी। एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ देर रात को शहर के मनू अस्पताल, फैमिली अस्पताल और कनमन गांव के ओशी अस्पताल में छापा मारा। हालांकि यहां कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
नवाबगंज में अस्पताल छोड़कर भागा संचालक
नवाबगंज। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापा मारे जाने की सूचना पर नई बस्ती पश्चिमी में चल रहे अमन अस्पताल का मालिक भाग गया। बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टर के पास रेडियोलॉजी की डिग्री नहीं थी। छापे की सूचना पर नगर के कई मेडिकल स्टोरों के शटर गिर गए। तहसीलदार मलखान सिंह, सीओ नरेश कुमार और सीएचसी प्रभारी डॉ. सीपी ने माया अस्पताल, डॉ. बेगराज अस्पताल, डॉ. आर्य अस्पताल, डॉ. केपी गंगवार, डॉ. आशु अग्रवाल के अल्ट्रासाउंड सेंटर चेक किए। एसडीएम रजनीश राय ने बताया कि रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।