कार्रवाई करती टीम। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विधिक माप विज्ञान संभाग की टीमों ने खजुरिया और फरीदपुर में चेक किए गोदाम
बरेली। रसोई गैस सिलिंडरों में घटतौली और एजेंसी संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए चल रही विधिक माप विज्ञान संभाग की कार्रवाई बुधवार को भी चारी रही। बाट माप विभाग की टीमों ने बुधवार को छह गोदामों पर छापा मारा। इनमें से चार में गड़बड़ियां मिलने पर उनके चालान काटे गए। तीन गैस गोदाम पर तौल यंत्र मौजूद नहीं मिले। एक गोदाम पर तौल यंत्र के सत्यापन का प्रमाण पत्र नहीं मिला।
विधिक माप विज्ञान संभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को दो अलग-अलग टीमों ने फरीदपुर और बरेली के तीन-तीन गैस गोदामों पर छापा मारा। फरीदपुर बीसलपुर रोड स्थित मेसर्स धर्मेंद्र गैस एजेंसी, मल्हपुर चठिया फैज स्थित मेसर्स विद्या श्री गैस ग्रामीण वितरक और बरेली खजुरिया स्थित मेसर्स सनी इंडेन गैस सर्विस के गोदाम पर तौल यंत्र नहीं मिला। भुता के अठाईन स्थित मेसर्स निर्मला भारत गैस ग्रामीण वितरक के गोदाम की जांच में तौल यंत्र के सत्यापन का प्रमाण पत्र नहीं मिला। इस पर सभी का चालान काटा गया है। साथ ही, भविष्य में मानकों के अनुपालन के निर्देश दिए गए।
120 ग्राम तक कम मिली सिलिंडरों में गैस
सभी गैस एजेंसी के गोदाम पर हुई जांच में न्यूनतम 40 ग्राम और अधिकतम 120 ग्राम तक सिलिंडरों में गैस कम मिली। वरिष्ठ निरीक्षक पवन यादव के मुताबिक, भरे सिलिंडर का वजन दो सौ ग्राम से कम होने पर कार्रवाई से छूट का प्रावधान है। लिहाजा, इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अन्य खामियां मिलने पर टीम ने गैस एजेंसी के खिलाफ चालान की कार्रवाई की है।
दो गोदामों की जांच में सब मिला दुरुस्त
राज गैस सर्विस, वनिका भारत गैस सर्विस के गोदाम पर जांच में सब कुछ दुरुस्त मिला। फरीदपुर गैस गोदाम की जांच टीम में विधिक माप विज्ञान के निरीक्षक जगतपाल, सहायक निरीक्षक दीपांशु सक्सेना और विजय त्रिपाठी मौजूद रहे। खजुरिया जांच टीम में विधिक माप विज्ञान की किला लैब के वरिष्ठ निरीक्षक पवन यादव, निरीक्षक अंकित अग्रवाल और ओम प्रकाश मौजूद रहे।