बरेली। बेतहाशा गर्मी का असर दिमाग पर भी दिखने लगा है। अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में लोग तेज सिरदर्द, चक्कर, उलझन, आंखों के आगे अंधेरा छाने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। तीन सौ बेड अस्पताल के सीटी स्कैन यूनिट के टेक्नीशियन शमसुल के मुताबिक, 15 अप्रैल से अब तक करीब डेढ़ हजार मरीजों की जांच हुई है। इसमें सिरदर्द संबंधी सीटी जांच कराने वालों की तादाद पांच सौ से ज्यादा है। इनमें 350 महिलाएं (करीब 70%) शामिल हैं।
फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक, तेज गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने पर डिहाइड्रेशन होता है। इससे दिमाग की रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ने से सिरदर्द बढ़ने की आशंका रहती है। महिलाओं में माइग्रेन की समस्या अधिक होती है जो गर्मी से ट्रिगर हो जाती है। सिरदर्द के साथ उल्टी, बेहोशी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या बोलने में दिक्कत हो तो सीटी स्कैन जांच का सुझाव दिया जाता है।
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार के मुताबिक, तेज धूप, शरीर में पानी की कमी, लगातार गर्म वातावरण में रहने और उच्च रक्तचाप की वजह से तेज सिरदर्द के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। कई मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक, नसों में सूजन, ब्लीडिंग जैसी आशंकाओं को जांचने के लिए हेड सीटी स्कैन कराना पड़ रहा है। सामान्य दिनों के सापेक्ष गर्मी में सिरदर्द के मरीजों की संख्या 20-30 फीसदी तक बढ़ी है। इसमें बुजुर्ग समेत युवा और कामकाजी लोग भी शामिल हैं। ज्यादा देर धूप में रहने, पर्याप्त पानी न पीने, देर रात तक जागने वालों को ये समस्या अधिक होती है।
सिरदर्द की वजह
- तेज धूप से शरीर में पानी और नमक की कमी।
- तेज धूप और लू का असर, पर्याप्त नींद न लेना।
- ज्यादा देर तक मोबाइल फोन और स्क्रीन देखते रहना।
- हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन, तनाव, थकान बढ़ना।
बचाव के उपाय
- दिनभर में कई बार सादा पानी या ओआरएस पियें।
- दोपहर की सीधी तेज धूप में घर से बाहर न निकलें।
- हल्का पौष्टिक भोजन करें, स्क्रीन देखने के दौरान ब्रेक लें।
- सिरदर्द बना रहे तो डॉक्टर को दिखाएं।