बरोली। गाजियाबाद में बतौर एडीशनल पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात डीआईजी रैंक की अधिकारी कल्पना सक्सेना पर 2010 में जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। मामले में तीन पुलिस कर्मियों समेत चार आरोपी हैं।
2010 में कल्पना श्रीवास्तव की तैनाती बरेली में बतौर एसपी ट्रैफिक थी। उन्होंने पुलिस विभाग में वसूली के खिलाफ मोर्चा खोला था। दो सितंबर 2010 की शाम बरेली-लखनऊ हाईवे पर नकटिया के पास ट्रकों से वसूली कर रहे सिपाही रविंद्र, मनोज कुमार और रविंद्र सिंह समेत चार लोगों को पकड़ा था। इसके बाद सिपाहियों ने एसपी ट्रैफिक पर हमला कर दिया। उनको कार से घसीटा और कुचलने की कोशिश की थी। कल्पना श्रीवास्तव ने चारों आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोपी सिपाहियों में मनोज कुमार मुरादाबाद के थाना भगतपुर के गांव परसपुर का निवासी है। रविंद्र सिंह फर्रुखाबाद के नवाबगंज और रविंद्र जहानाबाद का निवासी है। तत्कालीन एसपी ट्रैफिक कल्पना श्रीवास्तव पर कातिलाना हमले के मामले में बरेली की अदालत सुनवाई कर रही है। संवाद