बदायूं। शहर के चर्चित नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद विवाद की सुनवाई अब 23 अप्रैल को होगी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते अदालत ने अगली तारीख नियत कर दी।
इससे पहले हुई सुनवाई में जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया था कि मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण वे बहस नहीं कर सकते। इस पर अदालत ने उनसे सुप्रीम कोर्ट का संबंधित आदेश पेश करने को कहा था। अगली सुनवाई 8 अप्रैल तय की थी।
बुधवार को सुनवाई के दौरान भी कमेटी के अधिवक्ता आदेश प्रस्तुत नहीं कर सके और समय की मांग की। इस पर कोर्ट ने सुनवाई स्थगित करते हुए अब अगली तारीख 23 अप्रैल निर्धारित कर दी।
मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन सुमन तिवारी की अदालत में चल रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल ने दावा किया था कि वर्तमान जामा मस्जिद स्थल पर पूर्व में नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित था। वहीं, मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए मंदिर के अस्तित्व से इंकार किया है।