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स्वास्थ्य विभाग अब आईवीआरआई को नहीं भेजेगा पूल सैंपल

Wed, 20 May 2020 01:57 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
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आईवीआरआई - फोटो : सोशल नेटवर्क
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पूल सैंपल और पूल में शामिल लोगों के व्यक्तिगत सैंपल की जांच में लगातार उलट नतीजे आने के बाद अब तय किया गया है कि स्वास्थ्य विभाग एक भी पूल सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई की लैब में नहीं भेजेगा। इसके बजाय एक परिवार या इंस्टीटयूट के सदस्यों के एक बॉक्स में अलग-अलग सैंपल भेजे जाएंगे, जिन्हें आईवीआरआई में ही पूल बनाकर जांच की जाएगी। कोई भी पूल पॉजिटिव होने आईवीआरआई खुद सभी सैंपल की अलग-अलग जांच करेगा।

पिछले महीने एक मेडिकल कॉलेज के स्टाफ के 15 पूल सैंपल में एक पूल पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया था लेकिन इसके बाद पूल में शामिल लोगों के सैंपल की अलग-अलग जांच हुई तो सारी रिपोर्ट निगेटिव आईं। इस पर जांच पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए। इसके बाद राजस्थान से वापस आए इज्जतनगर के बिहारमान नगला और भुता के सिंघाई गांव के दो परिवारों के पूल की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इस बार भी अलग-अलग जांच हुई तो रिपोर्ट निगेटिव में बदल गई। इसके बाद खुद स्वास्थ्य विभाग की भी बेचैनी बढ़ गई।
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सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने बताया कि अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई पूल सैंपल आईवीआरआई नहीं भेजा जाएगा। सैंपल पूल बनाने के बजाय स्वास्थ्य विभाग अलग-अलग सैंपल एक ही बॉक्स में रखकर और उसपर स्लिप लगाकर जांच को भेजेगा। आईवीआरआई में जांच से पहले पूल बनाया जाएगा। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर फौरन ही सभी सैंपलों का अलग-अलग जांच कर ली जाएगी। संक्रमित का पता चलने के बाद ही रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी।

दौड़भाग और खर्च में भी आएगी कमी

अब तक पूल सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अफसरों को दोहरी मेहनत करनी पड़ रही है। दोबारा सैंपल लेने के लिए फिर सभी को अस्पताल लाने की कवायद के साथ स्वास्थ्य विभाग और प्रभावित परिवार पर भी मानसिक दवाब रहता था। नए तरीके से बेवजह भागदौड़ और मानसिक तनाव से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पूल में संक्रमित होने की संभावना पर दूसरी बार लिए गए सैंपल से स्वाथ्यकर्मियों के भी संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। इस लिहाज से भी काफी राहत की उम्मीद है। इसके अलावा पीपीई किट, मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजेशन का खर्च भी बचेगा।
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