स्वास्थ्यकर्मियों का होगा प्रशिक्षण
उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर संबंधित रोगी की आरटीपीसीआर जांच की जाएगी। फ्रंटलाइन वर्कर, एएनएम, आशा आदि को प्रशिक्षित किया जाएगा। लैब संचालक का संवेदीकरण होगा। रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार प्रसार होगा।
ये हैं लक्षण
तेज बुखार, त्वचा गर्म और नम, चेहरा लाल होना, आंख से पानी निकलना, नजला, शरीर में दर्द, बिना बलगम की खांसी, सिर दर्द आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण हों तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें, ताकि उसका इलाज किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के पास दवाएं उपलब्ध हैं, जो मरीज के वजन के हिसाब से दी जाएंगी।