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शेरगंज को मलेरिया विभाग ने गोद लिया, अप्रैल से विशेष अभियान

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बदायूं। डेंगू, मलेरिया और जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के लिए बदनाम सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज पर इस बार विशेष फोकस किया जाएगा। इस गांव को मलेरिया विभाग ने गोद ले लिया है। अप्रैल के पहले सप्ताह से ही शेरगंज समेत 18 ऐसे गांवों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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जिले में चार ब्लॉक के सौ से ज्यादा गांव मलेरिया के लिहाज से हाई रिस्क हैं। 2019 और 2020 में यहां मलेरिया, डेंगू और जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के रिकार्ड रोगी मिले थे। इसके चलते 2019 में जिला मलेरिया रोगियों के मामले में प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया था। 2021 में पिछले वर्षों की तुलना कम रोगी मिले, लेकिन इस बार डेंगू रोगियों की संख्या रिकार्ड रही। सबसे ज्यादा स्थिति सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज में खराब हुई।
मलेरिया का सीजन जुलाई से अक्तूबर के अंत तक होता है। इस बार मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग ने अभी से मच्छरजनिक बीमारियों पर काबू के लिए तैयारी शुरू कर दी है। शेरगंज गांव को मलेरिया विभाग ने गोद ले लिया है। इस गांव पर अभी से विशेष फोकस किया जा रहा है। अप्रैल के पहले सप्ताह से मलेरिया के लिहाज से हाईरिस्क सभी गांवों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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राज्य स्तर का प्रशिक्षण लेकर लौटे आठ मलेरिया इंस्पेक्टर
जिले में आठ मलेरिया इंस्पेक्टरों को राज्य स्तर का प्रशिक्षण दिया गया है। लखनऊ में अलग-अलग सेशन में आयोजन प्रशिक्षण में प्रदेश भर के ऐसे जिलों के मलेरिया इंस्पेक्टर शामिल हुए जहां मच्छरजनिक बीमारियों का ज्यादा प्रकोप रहता है। सबसे ज्यादा बदायूं के आठ इंस्पेक्टर को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। यह सभी इंस्पेक्टर जिले के अलग-अलग हिस्सों में निगरानी करेंगे।
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पिछले वर्ष सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज में सबसे ज्यादा मच्छरजनिक बीमारियों का प्रकोप रहा था। शेरगंज को मलेरिया विभाग ने गोद लिया है। अप्रैल के पहले सप्ताह से जिले भर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। आठ मलेरिया इंस्पेक्टरों को राज्य स्तर का प्रशिक्षण भी दिलाया गया है।
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-योगेश सारस्वत, डीएमओ
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