बदायूं। चाइना की पीपीई किट के मामले में एक ओर जिला प्रशासन एमओईसी का जवाब मिलने का इंतजार कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर एमओआईसी का कहना है कि उनसे किसी ने जबाब नहीं मांगा है। अगर जिला प्रशासन पत्र भेजता है, तो वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। वह तो मरीजों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाई है।
कोविड हॉस्पिटल आसरा आवास में तैनात कछला के एमओआईसी डॉ. महेश प्रताप सिंह ने एक दिन पहले वीडियो और फोटो भेजकर दावा किया था कि चिकित्सकों व आसरा आवास में तैनात कर्मचारियों को चाइना की पीपीई किट उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि चाहे जिला प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई ही क्यों करे लेकिन वह चाइना की पीपीई किट नहीं पहनेंगे। इस पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इस संबंध में डीएम कुमार प्रशांत ने कहा था कि जिले में उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से पीपीई किट आ रहीं हैं। वही किटें चिकित्सकों और अन्य कर्मचरियों को उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। एमओआईसी चाइना की किट मिलने की बात क्यों कह रहे हैं। इसके लिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इधर, इस संबंध में एमओआईसी डॉ. महेश प्रताप सिंह का कहना है कि उनसे कोई स्पष्टीकरण या जवाब नहीं मांगा गया है। जैसे सैनिक देश की सेवा कर रहे हैं, वैसे वह मरीजों की सेवा कर रहे हैं। अगर उन्हें कोई पत्र भेजा जाता है, तो वह हर जवाब देने को तैयार हैं। चाइना के सामान का पूरी तरह से बहिष्कार होना चाहिए। ये बात वह हमेशा कहेंगे।
हमारे पास यूपीएमएससी (उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन) से पीपीई किट आ रही हैं और वही किट हमने स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई हैं, हमने इस संबंध में एमओआईसी से स्पष्टीकरण मांगा है लेकिन उन्होंने अभी तक कोई जबाब नहीं दिया है। जबाब आने पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कुमार प्रशांत, डीएम
आसरा आवास वाली खबर का वर्जन
आसरा आवास में भोजन की व्यवस्था लेकर कई व्यवस्थाएं हमने ठीक करा दी हैं। साफ-सफाई की शिकायतें हो सकती हैं। हम सोमवार को ही आसरा आवास का निरीक्षण करते हैं। वहां साफ सफाई कराई जाएगी। किसी को इसकी शिकायत का मौका नहीं दिया जाएगा।
कुमार प्रशांत, डीएम