अब तक जिले में तीन फाइलेरिया के मरीज मिले
पूरी रिपोर्ट आने के बाद अभी और मरीजों के बढ़ने की आशंका
बरेली। फाइलेरिया का चल रहा नाइट सर्वे पूरा हो गया है। स्लाइड्स बन गई हैं, अभी इनकी रिपोर्ट आनी बाकी हैं। फिलहाल तीन मरीज सामने आए हैं। फरवरी से 42 लाख लोगों को फाइलेरिया निरोधक दवा खिलाई जाएगी।
फ ाइलेरिया खतरनाक बीमारी है। इसे हाथीपांव भी कहते हैं। इसमें एक पैर सूज जाता है या फि र हाइड्रोसील की समस्या हो जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो फ ाइलेरिया की दवा सभी लोगों को खानी चाहिए। यह मच्छर जनित बीमारी है। इससे सभी लोगों के अंदर थोड़े बहुत माइक्रोफ ाइलेरिया होते ही हैं। जब यह बहुत बढ़ जाती है तब हाथी पांव या हाइड्रोसील जैसी समस्या उत्पन्न होती है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देशराज सिंह ने बताया कि इस बीमारी से लड़ने के लिए ही रात नौ बजे के बाद सर्वे कराया गया था। अब फरवरी में लोगों को दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए 3500 टीमें बनाई गई हैं, ताकि सभी को सही से दवा खिलाई जा सके।
सामने खिलाई जाएगी दवा
फ ाइलेरिया निरोधक दवा कर्मचारियों को अपने सामने ही खिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि एक कर्मचारी को एक दिन में 50 घरों में दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। ताकि यदि कोई देर में दवा खाने की कहे तो भी उसे दवा सामने ही खिलाई जाए।
दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। एक दो लोगों को दवा खाने से चक्कर आदि आने लगते हैं या कोई और समस्या होती है। इसका मतलब है कि उस व्यक्ति में माक्रोफ ाइलेरिया है। उन्हें दवा से परहेज नहीं करना चाहिए। यदि कोई समस्या होती है तो नजदीकी अस्पताल से संपर्क कर लें। संबंधित को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
इन लोगों को नहीं खानी है दवा
फ ाइलेरिया निरोधक दवा कुछ लोगों को नहीं खानी है। इसमें 2 साल तक बच्चे, गर्भवती और हार्ट या किडनी ट्रांसप्लांट जैसी किसी सर्जरी से गुजर चुके लोगों को यह दवा नहीं खानी है। अन्य सभी को यह दवा खाना जरूरी है।